पैतृक भूमि के नामांतरण, नक्शा सुधार और रकबा दुरुस्ती के तीन प्रकरण नायब तहसीलदार हर्षल बहरानी द्वारा रिश्वत के लिए पिछले चार महीनों से लंबित रखे गए थे
उज्जैन। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई उज्जैन ने देवास ग्रामीण के नायब तहसीलदार हर्षल बहरानी को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई आवेदक की शिकायत पर आधारित ट्रैप ऑपरेशन के तहत की गई।

आवेदक ताराचंद पटेल पिता हजारीलाल पटेल, निवासी ग्राम नगोरा, तहसील व जिला देवास ने पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू उज्जैन को लिखित शिकायत दी थी कि उनकी पैतृक भूमि के नामांतरण, नक्शा सुधार और रकबा दुरुस्ती के तीन प्रकरण नायब तहसीलदार हर्षल बहरानी द्वारा पिछले चार महीनों से लंबित रखे गए हैं। इन प्रकरणों पर आदेश जारी करने के बदले आरोपी ने 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत की प्रारंभिक जांच पुलिस अधीक्षक श्री समर वर्मा द्वारा कराई गई, जो सही पाई गई। इसके बाद ईओडब्ल्यू टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। नायब तहसीलदार ने आवेदक को रिश्वत की राशि लेकर अपने कार्यालय बुलाया। कार्यालय कक्ष में जैसे ही हर्षल बहरानी ने ताराचंद पटेल से 15 हजार रुपये प्राप्त किए, ईओडब्ल्यू की टीम ने उन्हें रंगे हाथों धर दबोचा।
कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार वट्टी, निरीक्षक रामनिवास यादव, निरीक्षक सोनल सिसोदिया, उपनिरीक्षक अर्जुन मालवीय, उपनिरीक्षक सचिन्द्र पाल सैंधव, सहायक उपनिरीक्षक अशोक राव, प्रधान आरक्षक मोहन पाल, विशाल बादल, गौरव जोशी, मनोज सिरवईया, लोकेन्द्र देवडा, आरक्षक राकेश जटिया और आरक्षक चन्द्रशेखर राय शामिल रहे। मौके पर आगे की कार्रवाई जारी है।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









