लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने सीएमएचओ ऑफिस पहुंचकर नर्सिंग कॉलेज में कैंटीन टेंडर घोटाले और पेंशन प्रकरण की जांच की शुरू

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आरोप है कि सरकारी नर्सिंग कालेज में छात्राओं के स्टायफंड से लाखों की अवैध वसूली की गई और फर्जी जीएसटी वसूली का खुलासा हुआ।

मन्दसौर। जिला चिकित्सालय और उससे जुड़े नर्सिंग कॉलेज तक हर तरफ भारी अनियमितताओ का बोलबाला है। नर्सिंग कॉलेज की कैंटीन के ठेकेदार कंपनी स्काईबुल सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड पर यहां भी अधिकारियो से मिलीभगत कर भ्रष्टाचार के आरोप लगे है। अब इस मामले को लोकायुक्त संगठन ने जांच में लिया है। जिससे कई अन्य परते भी खुलने की संभावना है। देखना है कि लोकायुक्त संगठन इस अंधेरे कुए से कितना पानी निकाल पाता है।

मंदसौर। सरकारी नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं के स्टायफंड और कैंटीन भुगतान में करोड़ों की अनियमितताओं के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। फर्जी जीएसटी वसूली, बिना टेंडर ठेका देने और छात्राओं के खातों से सीधे लाखों रुपए ट्रांसफर किए जाने की शिकायतों के बाद लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने मंगलवार को सीएमएचओ कार्यालय में दबिश देकर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हडकंप मच गया है।

शासकीय नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं के स्टायफंड से अवैध वसूली, मेस बिल में 100 प्रश फर्जी जीएसटी लगाने और नियमों को ताक पर रखकर लाखों रुपए के गबन के सीएमएचओ कार्यालय में आमद दी। मामले में मंगलवार को लोकायुक्त की टीम विधायक प्रतिनिधि मनोहर नाहटा की शिकायत और समाचार पत्रों में हुए खुलासे के बाद ने लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने अचानक मंदसौर स्वास्थ्य विभाग पर आमद दी। इस औचक कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग के लोकायुक्त की टीम ने कार्यालय को अपने अधिकारी-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। घेरे में लेकर मेस भुगतान और स्टायफंड से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें खंगाली। टीम ने मौके से संबंधित वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी जब्त कर लिए लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, जब्त हैं। है। ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच की जा रही किए गए दस्तावेजों और बैंक जांच के बाद तत्कालीन सीएमएचओ, अकाउंटेंट और ठेकेदार सहित इस भ्रष्टाचार में शामिल अन्य दोषियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कैंटीन टेंडर संचालन में नहीं अपनाई पारदर्शी प्रक्रिया
शिकायत में यह भी सामने आया है कि इस कैंटीन संचालन के लिए कोई पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, बल्कि जिला अस्पताल की मेस चला रहे चहेते ठेकेदार को ही नियम विरुद्ध तरीके से नर्सिंग कॉलेज की कैंटीन का ठेका भी दे दिया गया। इस वित्तीय अनियमितता के खिलाफ विधायक प्रतिनिधि मनोहर नाहटा ने मोर्चा खोलते हुए आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच और छात्राओं की राशि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आने के वापस दिलाने की मांग की थी। मामला कारण लोकायुक्त ने इस पर त्वरित एक्शन लिया।

यह है पूरा मामला
यह पूरा मामला शासकीय नर्सिंग कॉलेज मंदसौर की 57 छात्राओं के स्टायफंड से जुड़ा है। नियमों के मुताबिक, छात्राओं के मेस का मासिक खर्च 2200 रुपए प्रति छात्रा होना था, जिसे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय और इंदौर की मेस ठेकेदार कंपनी स्काईबुल सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड की मिलीभगत से बढ़ाकर 4400 रुपए कर दिया गया। इसके पीछे तर्क दिया गया कि भोजन की थाली पर 100 प्रश जीएसटी लगाया गया है। जबकि, देश के नियमों के तहत ऐसी कोई दर ही नहीं है। इतना ही नहीं, मध्य प्रदेश वित्त संहिता के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए छात्राओं को स्टायफंड देने के बजाय, उनके खाते से 4 महीने की राशि (करीब 8.06 लाख रुपए) सीधे ठेकेदार के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। जबकि 3 महीने का वास्तविक बिल केवल 3.76 लाख रुपए बनता था। यानी सीधे तौर पर 4.30 लाख रुपए की अतिरिक्त वसूली कर बड़ा गबन किया गया।

पेंशन प्रकरण स्वीकृति प्रकरण में भी हुई जांच
नर्सिंग कॉलेज की सेवानिवृत्त प्राचार्य बसंती मसीह ने सीएमएचओ कार्यालय के सहायक ग्रेड 3 यशपाल सिंह राठौर पर पेंशन प्रकरण स्वीकृति में विलम्ब करने और राशि की मांग सहित अन्य आरोप लगाए है। जिसकी जांच भी लोकायुक्त टीम ने की।

यह कहना है इनका –
शिकायत नर्सिंग कॉलेज से संबंधित है, जो सेवानिवृत्त प्रभारी प्राचार्य बसंती मसीह द्वारा लोकायुक्त को की गई थी। शिकायत से संबंधित कर्मचारी यशपाल सिंह राठौर को स्थापना शाखा से हटा दिया है। – गोविंद सिंह चौहान, सीएमएचओ

मेरी पेंशन प्रकरण स्वीकृति सम्बन्धित शिकायत की थी। मेरे पास पेंशन शाखा नहीं है और मैने 2025 के 7 वें महीने में फाइल संबंधित शाखा को भेज दी थी। जिसके बाद लेखा शाखा ने नवंबर 2025 में जीपीएफ इत्यादि का भुगतान भी किया है। मेरे विरूद्ध द्वेषतावश शिकायत की गई – यशपाल सिंह राठौर सहायक ग्रेड 3

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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