
अहंकार नहीं, आत्मस्वरूप की पहचान ही मनुष्य के जीवन का सच्चा धर्म : श्रीपाद सेवाप्रिय हरिदास प्रभुजी
जन्माष्टमी का संदेश—भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा रानी की भक्ति में ही जीवन की सार्थकता गरोठ। श्री खाटू श्याम मंदिर परिसर गरोठ में आयोजित तीन दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस, गुरुवार 03 सितंबर को कथा व्यास श्रीपाद सेवाप्रिय हरिदास प्रभुजी ने भगवान श्रीकृष्ण की जन्म कथा एवं जन्माष्टमी पर्व

























