फिरोजपुर (पंजाब)। भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ (Purnam Kumar Shaw) की वतन वापसी हो गई है। 23 अप्रैल, 2025 को अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के कारण पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर समझौते के बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने जवान को भारत को सौंप दिया। शॉ अटारी बॉर्डर के रास्ते सुरक्षित भारत लौट आए हैं।
क्या था पूरा मामला
पूर्णम कुमार शॉ बीएसएफ की 182वीं बटालियन में तैनात थे और पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में ममदोट क्षेत्र के गेट नंबर-208/1 के पास ड्यूटी पर थे। 23 अप्रैल को उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके चलते वे एक पेड़ के नीचे बैठ गए। इसी दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें सीमा पार करने के आरोप में हिरासत में ले लिया और उनके हथियार जब्त कर लिए।
भारत की कूटनीतिक सफलता
घटना के बाद भारत ने तुरंत पाकिस्तान के साथ उच्च स्तरीय बातचीत शुरू की। सीजफायर समझौते के तहत दोनों देशों के बीच सहमति बनी, जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तानी रेंजर्स ने पूर्णम कुमार शॉ को भारत को सौंप दिया। बीएसएफ जवान की वापसी को भारत की कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
अटारी बॉर्डर पर हुआ स्वागत
अटारी बॉर्डर पर बीएसएफ और अन्य अधिकारियों ने पूर्णम कुमार शॉ का गर्मजोशी से स्वागत किया। उनकी मेडिकल जांच की गई और परिवार से संपर्क कराया गया। इस घटना ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात जवानों की चुनौतियों को उजागर किया है।
Author: Dashpur Disha
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