“समझौता कर लो, वरना 6 महीने जेल में रहोगे…” डूब क्षेत्र की जमीन के रास्ते के विवाद में जल संसाधन विभाग के टाइमकीपर मुकेश गुप्ता पर किसानों का गंभीर आरोप

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मंदसौर। गांधी सागर डूब क्षेत्र की जमीन पर रास्ते और पारिवारिक बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद में अब जल संसाधन विभाग के एक कर्मचारी पर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मल्हारगढ़ तहसील के ग्राम ढोरी निवासी राजू पिता अमृतलाल बलाई और बालाशंकर पिता श्रीलाल बलाई ने जल संसाधन विभाग में पदस्थ टाइमकीपर मुकेश गुप्ता पर समझौते के लिए दबाव बनाने और जेल भिजवाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

किसानों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि गांधी सागर डूब क्षेत्र में आती है और वे लंबे समय से उक्त भूमि पर खेती-किसानी करते आ रहे हैं। सर्वे नंबर 55, 81, 80 एवं 85 की भूमि को लेकर लक्ष्मीनारायण पिता उंकारलाल निवासी ग्राम ढोरी द्वारा रास्ता निकालने को लेकर जल संसाधन विभाग में आवेदन दिया गया था। इसी मामले में विभाग की ओर से जारी सूचना पत्र का जवाब देने के लिए दोनों किसान विभागीय कार्यालय पहुंचे थे।

किसानों का आरोप- समझौता नहीं किया तो जेल भिजवाने की धमकी दी
राजू और बालाशंकर का आरोप है कि विभागीय कार्यालय में मौजूद टाइमकीपर मुकेश गुप्ता ने उन्हें विवाद में समझौता करने के लिए दबाव बनाया। किसानों के अनुसार उन्हें कथित तौर पर कहा गया कि यदि समझौता नहीं किया तो छह महीने के लिए जेल भिजवा दिया जाएगा और हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं होगी।
किसानों का यह भी आरोप है कि मुकेश गुप्ता द्वारा उनके वकील को भी बार-बार फोन कर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। किसानों के अनुसार उन्हें दो अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज करवाने की बात भी कही गई।

किसानों ने आवेदन में लगाए कई आरोप
किसानों द्वारा मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में प्रस्तुत आवेदन में आरोप लगाया गया है कि लक्ष्मीनारायण द्वारा उनकी कृषि भूमि पर रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है। आवेदन के अनुसार भूमि पर मक्का, प्याज और सोयाबीन की फसल खड़ी है। किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी अनुमति और सहमति के बिना रास्ता बनाए जाने का प्रयास किया जा रहा है तथा पुलिस बुलाकर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है।
आवेदन में किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि भूमि के पारिवारिक बंटवारे को लेकर उनके द्वारा पूर्व में आवेदन दिए गए थे, लेकिन उन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने अधिकारियों पर दूसरे पक्ष से मिलीभगत करने का आरोप भी लगाया है।

यह कहना है इनका –
इस पूरे मामले में जल संसाधन विभाग के टाइमकीपर मुकेश गुप्ता ने किसानों के आरोपों को अलग संदर्भ में बताया। उनका कहना है कि “यह विभाग की डूब की जमीन पर सरकारी जमीन पर रास्ते का प्रकरण है। किसान मेरे पास आए थे। मुझसे पहले एसडीओ से भी मिलकर बहसबाजी करके गए थे।”

किसानों ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की
राजू और बालाशंकर ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सर्वे नंबर 55, 81, 80 एवं 85 की भूमि पर रास्ता बनाने के प्रयास को रोकने तथा धमकी और दबाव के मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

Yogesh Porwal
Author: Yogesh Porwal

वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।

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