बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ पर परिवहन विभाग की कार्रवाई, बस में सवार बच्चों को दूसरी बस से भेजा गया घर
मंदसौर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्ती दिखाते हुए जग्गाखेड़ी स्थित करनी इंटरनेशनल स्कूल की बस की जांच की। जांच के दौरान स्कूल की एक बस बिना फिटनेस प्रमाण-पत्र के संचालित होती हुई पाई गई, जिसके बाद परिवहन विभाग की टीम ने वाहन का चालान बनाया।

जानकारी के अनुसार परिवहन अधिकारी दीपक मांझी के निर्देश पर उप परिवहन निरीक्षक शुभम मंडलोई एवं पूजा मुकाती द्वारा स्कूल बस की जांच की गई। चेकिंग के दौरान संबंधित बस के पास वैध फिटनेस नहीं पाए जाने पर विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए चालान बनाया।
बच्चों को दूसरी बस से भेजा गया
कार्रवाई के दौरान बस में स्कूली बच्चे सवार थे। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए परिवहन विभाग की टीम ने उन्हें उसी बस से आगे भेजने के बजाय दूसरी स्कूल बस के माध्यम से घर रवाना करवाया।
इस कार्रवाई के बाद स्कूल बसों के संचालन में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। स्कूली बसों की फिटनेस केवल एक कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि सड़क पर बच्चों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा विषय है।
फिटनेस की समय पर जांच क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस बस से रोजाना बच्चे स्कूल आते-जाते हैं, उसकी फिटनेस समय पर क्यों नहीं कराई गई? यदि परिवहन विभाग की जांच में बस बिना फिटनेस के संचालित मिली, तो स्कूल प्रबंधन द्वारा वाहन की वैधता और आवश्यक दस्तावेजों की नियमित जांच क्यों नहीं की गई?
Author: Dashpur Disha
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