टकरावद (पंकज जैन)। ग्राम भारती मल्हारगढ़ के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर टकरावद में 20 मई से 26 मई तक नवीन आचार्य, आईसीटी, और इंग्लिश स्पोकन वर्ग का आयोजन किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कैलाश चौधरी (सह प्रांत प्रमुख, मालवा प्रांत), श्री श्री 108 ब्रह्मानंद रामायणी (राष्ट्रीय कथा वाचक), विष्णुदास बैरागी (उपाध्यक्ष), गुणवंत पाटीदार (सरपंच प्रतिनिधि), मन्नालाल लोहार (उपसरपंच, टकरावद), शंभूलाल धनगर (जिला प्रमुख), और अनिल क्षत्रिय (स्थानीय संयोजक) उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता कैलाश चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि 1952 में स्थापना के बाद से सरस्वती शिशु मंदिर भारतीय संस्कारों और गुरुकुल शिक्षा पद्धति को बढ़ावा दे रहा है। यह समाज द्वारा समाज के लिए संचालित संस्था है, जो राष्ट्रीय हित और भारतीय संस्कृति को सर्वोपरि रखने वाले नागरिकों का निर्माण करती है। उन्होंने बताया कि शिशु मंदिर के अनेक पूर्व छात्र आज प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत हैं और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। जहां शिक्षा का व्यवसायीकरण बढ़ रहा है, वहां सरस्वती शिशु मंदिर कम संसाधनों में भी श्रेष्ठ शिक्षा प्रदान कर रहा है। संत श्री ब्रह्मानंद ने भी शिशु मंदिर की शिक्षा की सराहना की और स्वयं को इसका पूर्व छात्र होने पर गौरवान्वित बताया। उन्होंने अनेक उदाहरणों के माध्यम से शिशु मंदिर की शिक्षा पद्धति की महत्ता पर प्रकाश डाला।

वर्ग में 30 स्थानों से 68 आचार्य और दीदियां शामिल हुए। शिक्षार्थियों ने तिरंगा यात्रा निकालकर सेना के ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया और इस नाम से हस्तलिखित पत्रिका का विमोचन किया गया। तीन स्थानों पर भारत माता की आरती आयोजित की गई, जिसमें नगरवासियों का अपार उत्साह देखा गया। अतिथियों का परिचय जिला समिति सदस्य पुरुषोत्तम मोड ने कराया, जबकि स्वागत स्थानीय समिति और प्रधानाचार्य ने किया। कार्यक्रम का आभार अनिल क्षत्रिय ने व्यक्त किया। यह जानकारी जिला मीडिया प्रभारी घनश्याम रावत ने दी।
Author: Dashpur Disha
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