गजब का फर्जीवाड़ा! 5000 फीट की एक इमारत में 425 बेड के चार अस्पताल और नर्सिंग कॉलेज

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भोपाल। ग्वालियर में फर्जी कॉलेजों को मान्यता देने के मामले में दो वाइस चांसलर और 18 प्रोफेसरों के खिलाफ FIR दर्ज होने का मामले अभी थमा भी नहीं था कि अब नया फर्जीवाड़ा सामने आ गया है। जिसके मुताबिक यहां एक ही इमारत में न सिर्फ पांच मेडिकल कॉलेज बल्कि एक कॉलेज भी संचालित हो रहा है। जबकि इस पूरी इमारत की लंबाई 100 फीट और चौड़ाई 50 फीट के आसपास है।
मध्यप्रदेश अजब है, सबसे गजब है…ये तो हम सबने सुना ही है लेकिन ग्वालियर से जो मामला सामने आया है वो इसकी पुष्टि भी करता है। दरअसल यहां खेतों के बीच एक इमारत है, जिसकी लंबाई 100 फीट और चौड़ाई 50 फीट के आसपास है। चौंकाने वाली बात ये है कि महज इतने ही एरिया में यहां चार-पांच अस्पताल और एक कॉलेज संचालित हो रहा है। इसके मालिक का दावा है कि इन अस्पतालों में कुल बेड की संख्या 425 के आसपास है। ये जगह ग्वालियर से 35 किलोमीटर दूर मुरार के रतवाई के खेतों में है। इस एक इमारत में जो अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं उनके नाम हैं श्याम अस्पताल, टाइम अस्पताल, भरत अस्पताल, एमडी अस्पताल और विंग्स कॉलेज।
परिवार में सब डॉक्टर इसलिए खोले अपने-अपने अस्पताल !
मीडिया को इन कमरे नुमा कॉलेज में न छात्र मिले और न ही टीचर
हैरत की बात ये है कि इस कॉलेज को रिटायर्ड MBBS डॉक्टर संचालित कर रहे है। इसके बाद जब हमने अस्पतालों का दौरा किया तो वहां हमें धूल खाते उपकरण तो मिले लेकिन कोई मरीज वहां भर्ती नहीं था। इस पूरे कैंपस को अपना बताने वाली महिला डॉक्टर शोभा दुबे से जब हमने बात की तो उन्होंने बताया कि यहां जो अस्पताल हैं वो नियमों के हिसाब से संचालित किए जा रहे हैं। डॉ शोभा का दावा है कि उनका पूरा परिवार इस पेशे से जुड़ा है, इसलिए एक ही बिल्डिंग में सबने अपने-अपने अस्पताल खोल रखे हैं। हमारी टीम को बार-बार इस पूरी इमारत को अपना बताने वाली रिटायर्ड महिला डॉक्टर का दावा है कि यहां ये अस्पताल समाजसेवा के लिए खोले गए हैं।
2019 से ही चल रहे हैं ये अस्पताल
बहरहाल इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर स्वास्थ्य विभाग की एक टीम भी जांच के लिए पहुंची। जिसके बाद पता चला कि यहां साल 2019 से ही चार अस्पतालों का संचालन हो रहा है। खास बात ये है कि एक ही दिन में तीनों अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन हुआ। इसका संचालन स्टार शिक्षा प्रसार समिति द्वारा किया जा रहा हैं। ये समिति नर्सिंग और GNM जैसे अनेक कोर्स संचालित करती है जिनके लिए स्वयं का अस्पताल होना जरूरी हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम का कहना है कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है। जो भी कार्रवाई होनी है उसका फैसला अधिकारी ही करेंगे।
जीवाजी यूनिवर्सिटी ने 48 घंटे में मांगा जवाब
उधर मामला खुलने के बाद जीवाजी विश्वविद्यालय ने विंग्स कॉलेज के संचालकों को नोटिस जारी कर 48 घंटे में जवाब मांगा हैं। रजिस्ट्रार अरुण चौहान का कहना है कि जवाब मिलने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जायेगी। ये भी पता चला है कि पहले इस इमारत में इंजीनियरिंग कॉलेज का संचालन होता था जिसे बंद करके यहां अस्पताल और विंग्स कॉलेज खोले गए। जांच करने गए दल के सदस्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विजय पाठक ने माना है कि यहां एक ही इमारत में चार अस्पताल संचालित हो रहे है। इसके अलावा भी इसमें कई खामियां हैं। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

Yogesh Porwal
Author: Yogesh Porwal

वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।

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