दशपुर दिशा । दीपक सोनी
जावरा। नगर पालिका के ट्रेंचिंग ग्राउंड के बाहर प्लास्टिक के कट्टों में कथित रूप से मवेशियों की हड्डियां दिखाई देने वाला वीडियो सामने आने के बाद बुधवार को जावरा में दिनभर हंगामे और विरोध का दौर चला। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता नगर पालिका पहुंचे और कथित कंकाल सीएमओ चन्द्रशेखर सोनिस की टेबल पर रखकर जवाब मांगा। मामला नगर पालिका से निकलकर औद्योगिक क्षेत्र थाने और फिर शहर के घंटाघर चौराहे तक पहुंच गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर नारेबाजी की। इससे यातायात प्रभावित हुआ और कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बनी।
सीएमओ की टेबल पर कंकाल रखकर मांगा जवाब
प्रदर्शनकारियों ने वीडियो दिखाते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि हड्डियां ट्रेंचिंग ग्राउंड के आसपास मिली हैं तो वहां तक कैसे पहुंचीं और मृत पशुओं के निस्तारण की जिम्मेदारी किसकी थी।
प्रदर्शनकारियों ने कथित पशु कंकाल सीएमओ की टेबल पर रखकर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

अज्ञात लोगों के खिलाफ चोरी का केस दर्ज
सीएसपी युवराज सिंह चौहान ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र थाने में हिंदू संगठन कार्यकर्ता आचार्य विजय दग्दी की रिपोर्ट पर अज्ञात लोगों के खिलाफ ट्रेंचिंग ग्राउंड से मवेशियों के कंकाल (हड्डियां) चोरी करने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया गया है।
इंचार्ज थाना प्रभारी कुलदीप डाबी ने बताया कि मामले की जांच सरसी चौकी पुलिस को सौंपी गई है। पुलिस वीडियो और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है।
CMO बोले—वीडियो में ट्रेंचिंग ग्राउंड के बाहर दिख रही हैं हड्डियां
नगर पालिका CMO चन्द्रशेखर सोनिस ने बताया कि हिंदू संगठन के लोगों ने उन्हें कुछ वीडियो दिखाए हैं, जिनमें प्लास्टिक के कट्टों में हड्डियां दिखाई दे रही हैं। उनके अनुसार वीडियो में हड्डियां नगर पालिका के ट्रेंचिंग ग्राउंड के बाहर नजर आ रही हैं और किसी व्यक्ति का चेहरा स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहा है।
CMO ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं तथा नगर पालिका स्तर पर आंतरिक जांच शुरू की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मॉनिटरिंग व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।
CCTV बंद था तो निगरानी कौन कर रहा था?
मामले में सबसे बड़ा सवाल ट्रेंचिंग ग्राउंड की निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। यदि वहां CCTV कैमरे बंद थे तो आने-जाने वाली गतिविधियों पर नजर कैसे रखी जा रही थी?
CMO के अनुसार गुरुवार से ट्रेंचिंग ग्राउंड पर CCTV कैमरे दोबारा चालू किए जाएंगे। साथ ही चौकीदार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
अब यह भी जांच का विषय है कि CCTV कैमरे कब से बंद थे, उन्हें बंद होने की जानकारी किसे थी और निगरानी की जिम्मेदारी किस अधिकारी या कर्मचारी की थी।
मृत पशुओं के निस्तारण की जिम्मेदारी भी होगी तय
CMO ने कहा कि नगर पालिका अब आवारा पशुओं को उठाने की व्यवस्था करेगी। यदि किसी गौशाला में पशु की मृत्यु होती है तो उसके शव के निस्तारण की जिम्मेदारी संबंधित गौशाला की होगी। वहीं निजी पशु की मृत्यु होने पर संबंधित पशुपालक जिम्मेदार रहेगा।
इस व्यवस्था के बाद अब पूर्व में मृत पशुओं के निस्तारण की प्रक्रिया और उसकी निगरानी भी जांच के दायरे में आ सकती है।
घंटाघर पर धरना, यातायात प्रभावित
नगर पालिका में विरोध के बाद प्रदर्शनकारी घंटाघर चौराहे पहुंचे और बीच चौराहे पर धरना शुरू कर दिया। नारेबाजी के चलते बाजार का यातायात प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति बन गई।
सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी दीपक मंडलोई और सीएसपी युवराज सिंह चौहान मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और मामले में जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम करीब 5 बजे धरना समाप्त कर दिया गया।
अब जांच पर टिकी निगाहें
मामला अब पुलिस और नगर पालिका, दोनों स्तर पर जांच के दायरे में है। पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि कथित हड्डियां वास्तव में किस पशु की हैं, उन्हें ट्रेंचिंग ग्राउंड से किसने और कैसे हटाया तथा वीडियो कब और कहां बनाया गया।
वहीं नगर पालिका को यह स्पष्ट करना होगा कि ट्रेंचिंग ग्राउंड की निगरानी व्यवस्था में कहां चूक हुई, CCTV कब से बंद था और मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था किस तरह संचालित होती रही।
फिलहाल नगर पालिका ने CCTV दोबारा चालू करने और चौकीदार तैनात करने की बात कही है। लेकिन पूरे मामले में असली तस्वीर पुलिस और नगर पालिका की जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।
Author: Dashpur Disha
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