विदिशा। विदिशा के गांधी चौक स्थित आदिनाथ जैन मंदिर में रविवार-सोमवार की रात एक सनसनीखेज चोरी ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। चोर ने चांदी के 30 और पीतल के 5 छत्र पर हाथ साफ कर दिया। मंगलवार को पुलिस ने सागर जिले के औरैया गांव से 40 साल के नीलेश राजपूत को गिरफ्तार किया, तो एक ऐसी कहानी सामने आई, जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं।
कसम थी 101 मंदिरों की चोरी की
नीलेश राजपूत कोई साधारण चोर नहीं। उसने 101 जैन मंदिरों में चोरी करने की कसम खाई थी। चौंका देने वाली बात यह है कि वह 79 मंदिरों को निशाना बना चुका था और 22 अभी उसके रडार पर थे। विदिशा पुलिस ने जब उसे पकड़ा, तो इस अनोखे चोर की कहानी ने सभी को हैरान कर दिया।
पुलिस के सामने खुला राज
एसपी रोहित काशवानी खुद बासौदा देहात थाने पहुंचे और मामले का खुलासा किया। नीलेश के खिलाफ 39 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 38 चोरी के! लेकिन उसका टारगेट सिर्फ जैन मंदिर क्यों? पूछताछ में नीलेश ने जो बताया, उसने सबके होश उड़ा दिए।
बदले की आग में जली कसम
नीलेश चार भाइयों में से एक है। कुछ साल पहले उसके एक भाई पर जैन मंदिर में चोरी का झूठा इल्जाम लगा। इस अपमान से आहत भाई ने आत्महत्या कर ली। उस दिन नीलेश ने ठान लिया कि वह 101 जैन मंदिरों में चोरी करके अपने भाई की मौत का बदला लेगा। उसने इसे अपनी जिंदगी का मिशन बना लिया और एक-एक करके 79 मंदिरों को निशाना बनाया।
79 मंदिर, फिर भी पकड़ा गया
नीलेश का आत्मविश्वास और उसकी चोरी का तरीका इतना पक्का था कि वह सालों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। लेकिन कहते हैं न, ‘जुर्म का रास्ता आखिर जेल की ओर ही जाता है।’ 79वीं चोरी के बाद विदिशा पुलिस ने उसे धर दबोचा। अब सवाल यह है कि क्या नीलेश अपनी कसम पूरी कर पाता, या पुलिस ने समय रहते उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया?
क्या है इस कहानी का सबक
नीलेश की कहानी सुनकर एक तरफ उसके दर्द और बदले की भावना का अंदाजा होता है, तो दूसरी तरफ उसका गलत रास्ता चुनना समाज के लिए सवाल खड़ा करता है। यह घटना न सिर्फ एक चोरी की वारदात है, बल्कि एक ऐसी कहानी है, जो इंसानी जज्बात, गलत फैसलों और कानून की ताकत को दर्शाती है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नीलेश का अगला कदम क्या होगा और पुलिस इस मामले को कैसे सुलझाएगी। तब तक यह अनोखा चोर और उसकी 101 मंदिरों की कसम इलाके में चर्चा का विषय बना रहेगा!
Author: Dashpur Disha
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