मंदसौर। मालवांचल क्षेत्र में उगाई जाने वाली उच्च गुणवत्ता वाली औषधीय फसलों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने और स्थानीय स्तर पर औषधि उद्योग विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। श्री दिव्यानंद हर्बल्स प्राइवेट लिमिटेड ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, अहमदाबाद के साथ तीन हर्बल दवाओं के विकास और व्यावसायीकरण को लेकर समझौता किया है।
यह जानकारी आज यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री दिव्यानंद हर्बल्स के निदेशक डॉ. कपिलेश दवे और अनुसंधान सलाहकार डॉ. आशीष अग्रवाल ने दी।
डॉ.दवे ने बताया कि यह समझौता मात्र व्यावसायिक नहीं, बल्कि हर्बल स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान और वैश्विक विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है। कंपनी लगभग आठ वर्षों से इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही थी और अब इसे बड़ी सफलता मिली है।

विकसित किए जा रहे उत्पाद –
1.बवासीर (पाइल्स) का हर्बल उपचार
इस उत्पाद पर NIPER अहमदाबाद के निदेशक प्रो.शैलेंद्र सर्राफ के नेतृत्व में शोध कार्य किया गया। प्रयोगशाला कार्य डॉ.राकेश तिकोड़े की देखरेख में पूरा हुआ, जिसमें पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर की प्रो.स्वर्णलता सराफ का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
2.बच्चों में मोटापा एवं चयापचय संबंधी विकारों का समग्र प्रबंधन
तीसरा उत्पाद बच्चों के मोटापे और मेटाबोलिक डिसऑर्डर के प्रबंधन के लिए विकसित किया जा रहा है।
डॉ. आशीष अग्रवाल ने बताया कि इन अनुसंधानों में इतने प्रतिष्ठित प्रोफेसर्स का मार्गदर्शन प्राप्त होना श्री दिव्यानंद हर्बल्स के लिए बड़ी उपलब्धि है।
कंपनी की भूमिका
समझौते के अनुसार, नाइपर द्वारा विकसित तकनीकों को प्रयोगशाला से बाजार तक ले जाने, उत्पाद विकास, विनिर्माण और व्यावसायीकरण की जिम्मेदारी श्री दिव्यानंद हर्बल्स प्राइवेट लिमिटेड निभाएगी। पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद यह मंदसौर जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी और क्षेत्र की औषधीय फसलों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में मदद करेगी।
कंपनी का उद्देश्य –
डॉ.कपिलेश दवे ने कहा कि श्री दिव्यानंद हर्बल्स की स्थापना ही रिसर्च, नवाचार और हर्बल औषधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। कंपनी का लक्ष्य वैश्विक मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण हर्बल उत्पाद विकसित करना है, ताकि मालवांचल क्षेत्र की समृद्ध औषधीय फसलें स्थानीय किसानों और युवाओं के लिए रोजगार तथा आर्थिक विकास का नया माध्यम बन सकें।
संस्था की मार्केटिंग मैनेजर श्रीमती बबीता भट्ट द्वारा जागरूकता फैलाने के लिए एक यूट्यूब चैनल के माध्यम से नियमित पॉडकास्ट भी प्रसारित किए जा रहे हैं।
डॉ.दवे ने अंत में कहा कि कंपनी भविष्य में भी हर्बल क्षेत्र में निरंतर नवाचार और रिसर्च के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे मंदसौर को “हर्बल हब” के रूप में स्थापित करने का सपना साकार हो सके।
यह उपलब्धि न केवल श्री दिव्यानंद हर्बल्स के लिए, बल्कि समूचे मंदसौर और मालवांचल क्षेत्र के औषधीय फसलों की पैदावार करने वाले किसानों के साथ अन्य लोगों के समग्र विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
Author: Dashpur Disha
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