भोपाल। मध्य प्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद सियासी हंगामा मच गया है। यह घटना इंदौर जिले के मानपुर क्षेत्र में आयोजित एक हलमा कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां शाह ने कथित तौर पर कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम लिए बिना पाकिस्तानी आतंकियों को लेकर अभद्र टिप्पणी की। इस बयान ने न केवल विपक्षी दलों, बल्कि आम जनता और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया।
विवाद का कारण
विजय शाह ने अपने भाषण में कर्नल सोफिया कुरैशी का जिक्र करते हुए एक ऐसी टिप्पणी की, जिसे कई लोगों ने सांप्रदायिक और महिलाओं का अपमान करने वाला माना। कर्नल सोफिया कुरैशी एक सम्मानित सैन्य अधिकारी हैं, जिन्होंने 2013 में ऑपरेशन सिंदूर में अपनी वीरता के लिए देशभर में प्रशंसा हासिल की थी। शाह के बयान को लेकर विपक्षी नेताओं ने इसे “सेना का अपमान” और “महिलाओं के खिलाफ अभद्रता” करार दिया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने शाह के खिलाफ तीखा हमला बोला और उनके इस्तीफे की मांग की।
विजय शाह का पक्ष और माफी
विवाद बढ़ने के बाद विजय शाह ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को “देश की बेटी” बताते हुए अपनी टिप्पणी पर खेद जताया। इसके बावजूद, विपक्ष ने उनकी माफी को “नाटक” करार देते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस की मांग: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने शाह के इस्तीफे की मांग की और चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा की “महिला विरोधी मानसिकता” का उदाहरण बताया।
भाजपा का डैमेज कंट्रोल: विवाद के बाद भाजपा ने तुरंत डैमेज कंट्रोल शुरू किया। मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के निर्देश पर पार्टी नेताओं ने कर्नल सोफिया कुरैशी के छतरपुर स्थित घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की और उन्हें “देश की शान” बताया।
विपक्षी नेताओं का गुस्सा: समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भोपाल में प्रदर्शन किया, जबकि AIMIM नेता वारिस पठान ने शाह के बयान को “सेना का अपमान” करार दिया।
विजय शाह का विवादों से पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब विजय शाह विवादों में घिरे हैं। इससे पहले भी उनके बयानों और कार्यों ने सुर्खियां बटोरी हैं:
2013 में विवाद: शाह ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी पर अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
विद्या बालन की फिल्म शूटिंग रुकवाने का मामला: 2021 में शाह ने अभिनेत्री विद्या बालन की फिल्म “शेरनी” की शूटिंग रुकवा दी थी, क्योंकि उन्होंने उनके साथ डिनर करने से इनकार कर दिया था।
अन्य विवाद: शाह पहले भी कई बार सांप्रदायिक और आपत्तिजनक बयानों के लिए आलोचना झेल चुके हैं, लेकिन हर बार वे खुद को आदिवासी नेता बताकर कार्रवाई से बचते रहे हैं।
विवाद के बाद शाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठ रही है। भोपाल में कुछ संगठन “प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स” के तहत उनके खिलाफ FIR दर्ज कराने की तैयारी में हैं। इसके अलावा, शाह के घर पर कालिख पोतने की घटना भी सामने आई है, जिससे तनाव और बढ़ गया है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इस मामले पर संज्ञान लिया है और शाह को फटकार लगाई गई है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर शाह के बयान की तीखी आलोचना हो रही है। कई यूजर्स ने इसे “शर्मनाक” और “देशभक्ति के खिलाफ” बताया। एक यूजर ने लिखा, “विजय शाह जैसे लोग देश की वीर बेटियों का अपमान करके तालियां बटोरना चाहते हैं।” वहीं, कुछ लोगों ने उनकी माफी को स्वीकार करने की बात कही, लेकिन ज्यादातर ने सख्त कार्रवाई की मांग की।
विजय शाह का यह विवाद न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि, बल्कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के लिए भी चुनौती बन गया है। विपक्ष इसे एक बड़े मुद्दे के रूप में भुनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि भाजपा डैमेज कंट्रोल में जुटी है। शाह की माफी और पार्टी की कोशिशों के बावजूद, यह मामला अभी शांत होता नहीं दिख रहा। आने वाले दिनों में इस पर और सियासी घमासान होने की संभावना है।
Author: Dashpur Disha
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