मंदसौर। शुक्रवार की रात को नगर के गौल चौराहा क्षेत्र में शिवना डायग्नोस्टिक सेन्टर को पार्टनरशीप में चलाने वाले दो चिकित्सकों को आपस में विवाद हो गया और विवाद बढते – बढ़ते पुलिस थाने तक पहुंच गया जिसका बाद थाने मेंं दो पक्षों के विरूद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार शिवना डायग्नोस्टिक सेन्टर डॉ अनूप जैन और डॉ मनोज सोनी साथ में चलाते है। लेकिन विगत कुछ दिनों से दोनो मेंं जिस भवन में डायग्नोस्टिक सेन्टर संचालित होता है उसको लेकर विवाद चल रहा था शुक्रवार को विवाद बढ़ गया और बात थाने तक पहुंच गई। बताया जाता है कि विगत लगभग 3 वर्षो से दोनों चिकित्सक साथ में उक्त डायग्नोस्टिक सेन्टर का संचालन कर रहे है। लेकिन मन मुटाव होने लगा।
यह कहानी भी आई सामने
डॉ मनोज सोनी रेडीयोलॉजिस्ट मंदसौर में आरोग्यम सेन्टर पर प्रायवेट नौकरी कर रहे थे, डॉ अनूप जैन जिला चिकित्सालय में नौकरी कर रहे थे। दोनों की दोस्ती हुई और पार्टनरी में शिवना डायग्नोस्टिक सेंटर गौल चौराहा क्षेत्र में डाला, बिल्डिंग पवन पिता राजेश कोठारी से किराये पर ली सात वर्ष के लिये जिसका अनुबंध ग्यारह माह की किराया चिठ्ठी के आधार पर बढ़ाया जा रह था। तभी कुछ समय पहले डॉ मनोज सोनी ने उक्त बिल्डिग का सौदा मकान मालिक से कर लिया। जब भवन मालिक ने डॉ अनूप जैन से भवन खाली करने को कहा था उन्होने उससे पूछा कि अपनी तो सात वर्ष की बात है और सिर्फ मुझे ही खाली करने का क्यों कह रहे तब उन्हें ज्ञात हुआ कि डॉ मनोज सोनी ने उक्त भवन खरीद लिया है, तब से दोनों के बीच विवाद चल रहा था।

मकान का प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन
डॉ अनूप जैन के पिता लाल बहादुर जैन ने बताया कि भवन मालिक स्वयं कोर्ट में चल गये खाली करवाने के लिए अभी वो प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। हमारा सिर्फ इतना कहना है कि हमारा अनुबंध सात वर्ष का है वह पूरा होने दे। इस मामले में डॉ मनोज सोनी की नियत बदली और वे चाहते थे कि पैथोलॉजी लैब जो डॉ.अनूप जैन चला रहे थे उनको बाहर कर दिया जाये और उनके बिजनेस का अधिग्रहण कर लिया जायें इसके लिए डॉ.अनूप जैन पर कई प्रकार के दबाव भी बनायें गये अब जब वे नहीं डरे और मामला न्यायालय पहुंच गया तो डॉ सोनी इसी भवन के पास एक अन्य भवन में पैथौलॉजी लैब खोलने जा रहे है।
डॉ.अनूप जैन निष्पक्ष छवि के व्यक्ति
बताया जाता है कि डॉ अनूप जैन पहली से लगाकर 12वीं तक की पढ़ाई हिन्दी माध्यम में सरकारी स्कूल से बिना कोचिंग बिना ट्यूशन के पूर्ण की। आपने मप्र की डॉक्टर चयन परीक्षा एमपी पीएमटी में प्रदेश में 20 वीं रैक लेकर इंदौर के प्रतिष्ठीत शासकीय एमजीएम मेडीकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और वहीं से बिना कोचिंग के एमडी की तैयारी भी चालू रखी एमबीबीएस पूरा होते ही एमडी चयन परिक्षा में 9 वी रैंक में चयन होकर इदौर के ही एमजीएम मेडीकल कॉलेज से एमडी की पढ़ाई पूरी की। पढाई पूर्ण होने के बाद शासकीय नियमानुसार बांड के दोनों वर्ष पूर्ण किये एक वर्ष डिगावमाली के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सेवाएं दी तथा एक वर्ष जिला चिकित्सालय मंदसौर में शासन के नियमानुसार बांड प्रक्रिया का पालन कर सेवाएं दी। कभी विवादित नहीं रहे और जरूरतमंदों की सदैव मदद करते है।
Author: Dashpur Disha
दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।








