✍️दशपुर दिशा । योगेश पोरवाल
मंदसौर। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के चयन को लेकर आज, 15 जून को कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक शाहपुरा विधायक मनीष यादव, प्रदेश पर्यवेक्षक राजकुमार उपाध्याय, और जिला प्रभारी जयवर्धन सिंह व हेमंत सिंह चौहान जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक लेंगे। यह बैठक जिला कांग्रेस कार्यालय में होगी। इसके बाद पर्यवेक्षकों द्वारा ब्लॉक स्तर पर जाकर कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जाएगा। पर्यवेक्षक एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, सेवादल और मंडलम-सेक्टर अध्यक्षों से जिलाध्यक्ष के लिए नाम सुझाने को कहेंगे। इसके बाद, उनकी रिपोर्ट तैयार कर 30 जून तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) को सौंपी जाएगी।
जिलाध्यक्ष पद के लिए चार दावेदारों की मजबूत दावेदारी
1. सोमिल नाहटा: जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह के करीबी
सोमिल नाहटा, जो यूथ कांग्रेस में राष्ट्रीय पदाधिकारी रह चुके हैं, मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा के भतीजे हैं। सूत्र बताते है कि सोमिल वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की पहली पसंद माने जा रहे हैं। इसके अलावा, उनकी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से भी नजदीकियां हैं। यदि चयन प्रक्रिया में जीतू पटवारी या दिग्विजय सिंह की भूमिका प्रभावी रही, तो नाहटा का नाम जिलाध्यक्ष पद के लिए लगभग तय माना जा रहा है। नाहटा को पार्टी ने मंदसौर नगरपालिका अध्यक्ष का टिकट दिया था, लेकिन वे जीत नहीं पाए।

2. मनजीत सिंह टूटेजा: धैर्य और समर्पण का प्रतीक
वर्तमान में जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री मनजीत सिंह टूटेजा एक दिन के लिए जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। उनके धैर्य और पार्टी के प्रति समर्पण की कई वरिष्ठ नेता सराहना करते हैं। एक दिन का जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बाद हटाए जाने के बावजूद, उन्होंने पार्टी या किसी नेता के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की। टूटेजा पूर्व मंत्री सुभाष सोजतिया खेमे के नेता हैं। सोजतिया, दिग्विजय सिंह सरकार में कद्दावर मंत्री रहे हैं, और दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह वर्तमान में जिले के प्रभारी हैं। यदि सोजतिया टूटेजा के लिए प्रयास करते हैं, तो उनके फिर से जिलाध्यक्ष बनने की संभावना प्रबल है।
3. महेंद्र सिंह गुर्जर: मीनाक्षी नटराजन का समर्थन
महेंद्र सिंह गुर्जर उस समय चर्चा में आए, जब उन्होंने मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए थे। पार्टी ने उन्हें मंदसौर विधानसभा से दो बार टिकट दिया, लेकिन वे चुनाव नहीं जीत पाए। गुर्जर पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन खेमे के नेता हैं। यदि जिलाध्यक्ष चयन में नटराजन की भूमिका प्रभावी रही, तो गुर्जर का नाम लगभग फाइनल माना जा सकता है।
4. राजेश रघुवंशी: अरुण यादव खेमे का भरोसा
राजेश रघुवंशी को मंदसौर नगरपालिका चुनाव में प्रहलाद बंधवार के सामने बी-फॉर्म दिया गया था, लेकिन अंतिम समय में इसे बदलकर सोमिल नाहटा को दे दिया गया। इसके बावजूद, रघुवंशी ने पार्टी के खिलाफ कोई बगावत नहीं की। वर्तमान में जिला कांग्रेस के महामंत्री रघुवंशी अरुण यादव खेमे के नेता हैं। यदि प्रदेश स्तर पर यादव खेमे का समर्थन मिला, तो रघुवंशी का नाम जिलाध्यक्ष पद के लिए तय हो सकता है।
मंदसौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चयन प्रक्रिया में तीव्र प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। सोमिल नाहटा, मनजीत सिंह टूटेजा, महेंद्र सिंह गुर्जर और राजेश रघुवंशी के अलावा भी अन्य कई नाम सामने आए है। सभी की दावेदारी मजबूत है, और प्रत्येक के पास बड़े नेताओं का समर्थन है। दो दिन पूर्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ओम सिंह भाटी सोशल मीडिया पर लिख चुके है कि होगा वहीं जो पूर्व से होता आया है। खैर ये देखने वाली बात होगी कि हर बार की तरह इस बार भी सबकुछ ऊपर से तय हो जाएगा या फिर पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और एआईसीसी का अंतिम फैसला यह तय करेगा कि इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









