कॉलोनाइजर आशीष डपकरा की दूसरी कॉलोनी में भी निकला सरकारी जमीन पर अतिक्रमण
दशपुर दिशा । योगेश पोरवाल✍️
गरोठ। नगर में सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। आनंद धाम और गणेश विहार कॉलोनियों में कॉलोनाइजरों द्वारा शासकीय जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य किए गए हैं। आनंद धाम में बाउंड्री वॉल और पानी की टंकी बनाई गई, जबकि गणेश विहार में चारागाह की सरकारी जमीन पर कॉलोनी का रास्ता बना लिया गया। हैरानी की बात यह है कि गणेश विहार के इस अवैध निर्माण को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने भी अनुमति दे दी, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

आनंद धाम कॉलोनी में सरकारी जमीन पर बाउंड्री और टंकी
पिछले दिनों दशपुर दिशा द्वारा आनंद धाम कॉलोनी में शासकीय जमीन पर अतिक्रमण का मामला उजागर किया गया था। कॉलोनाइजर आशीष डपकरा ने इस कॉलोनी में बाउंड्री वॉल और पानी की टंकी बना ली। शिकायत के बाद एसडीएम राहुल चौहान ने कॉलोनाइजर को 07 जुलाई तक अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया था। ये अतिक्रमण हटता इससे पहले ही कॉलोनाइजर की एक और करतूत सामने आई। आशीष डपकरा ने कैलाश चंद्र गुप्ता के साथ मिलकर काटी कॉलोनी गणेश विहार में भी सरकारी जमीन पर कॉलोनी का रास्ता बना लिया।
गणेश विहार में चारागाह की जमीन पर बना दिया रास्ता
बंजारी रोड पर स्थित गणेश विहार कॉलोनी में कॉलोनाइजर आशीष डपकरा और कैलाशचंद्र गुप्ता ने मिलकर सरकारी चारागाह की जमीन सर्वे नंबर 596, 0.3200 हेक्टेयर पर कब्जा कर कॉलोनी का रास्ता बना लिया। टीएनसीपी द्वारा इस अवैध निर्माण को अनुमति देना हैरान करने वाला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हैंडओवर के बाद कॉलोनाइजर जिम्मेदारी से मुक्त हो जाएंगे, जिससे भविष्य में प्लॉट खरीदारों को रास्ते और मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी झेलनी पड़ेगी।
कॉलोनियों पर जांच और कार्रवाई की मांग
नगरवासियों का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही के कारण नगर में सरकारी जमीन पर कब्जा हो रहा है। टीएनसीपी की अनुमति प्रक्रिया पर सवाल उठते हुए नगर के जागरूक लोगों ने मांग की है कि मामले की गहन जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और कॉलोनी स्वीकृति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए। इस मामले में पिछले दिनों एसडीएम राहुल चौहान ने कहा था कि, “मामला संज्ञान में आया है। यदि शासकीय जमीन पर अतिक्रमण कर कॉलोनी काटी गई है, तो कार्रवाई होगी।”
पहले भी सामने आ चुके हैं अवैध कॉलोनी के मामले
गरोठ में पहले भी माधव रेसीडेंसी और सिद्धालय जैसी अवैध कॉलोनियों के मामले सामने आ चुके हैं, जहां सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया था। इन दोनों मामलों में हाईकोर्ट में प्रकरण चल रहा है और स्थगन आदेश भी जारी है। इसके बावजूद आनंद धाम और गणेश विहार में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण जारी है। राजस्व विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
कॉलोनाइजर के लाइसेंस पर कार्रवाई की मांग
गरोठ के कॉलोनाइजर आशीष डपकरा द्वारा काटी जा रही कॉलोनियों में बार-बार सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। नागरिकों और जागरूक पत्रकारों की शिकायतों पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन राजस्व विभाग की ढिलाई साफ दिखाई देती है। बार बार सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने वाले कॉलोनाइजर का लाइसेंस रद्द कर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के अवैध कब्जे रोके जा सकें।
गरोठ में सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण और कॉलोनियों का निर्माण एक गंभीर समस्या बन चुका है। प्रशासनिक लापरवाही और टीएनसीपी की संदिग्ध अनुमति प्रक्रिया ने इस मुद्दे को और जटिल बना दिया है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









