निवेशकों को लालच देकर करवाया निवेश, मैच्योरिटी के वक्त कंपनी के कार्यालयों पर मिले ताले
मंदसौर। आम नागरिकों को झांसा देकर निवेश के नाम पर करीब 30 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को कोर्ट ने 10 साल के कठोर कारावास और 34 लाख 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री आसिफ अब्दुल्लाह की अदालत ने सुनाया।

कंपनी का लालच, झूठे वादे और फिर फरार
मामला वर्ष 2012 का है, जब रघुवीरसिंह राजपूत, निवासी ग्राम जमुनिया शंकर (जिला रतलाम) ने मंदसौर के दशपुर बगीचे के पीछे ‘पीतांबरा फार्मिंग सॉल्यूशन कंपनी लिमिटेड’ के नाम से ऑफिस खोला। एक बैठक में निवेशकों को बताया गया कि कंपनी आरडी, एफडी पर 5% कमीशन देगी और किसी भी निवेशक की मृत्यु होने पर जमा राशि की दोगुनी सहायता राशि दी जाएगी।
कंपनी को आरबीआई से रजिस्टर्ड बताकर और फर्जी ऑडिट रिपोर्ट्स का हवाला देकर निवेशकों को गुमराह किया गया। इस झांसे में आकर लगभग 100 लोगों ने 30 लाख रुपये का निवेश किया। इसके बदले कंपनी ने उन्हें पॉलिसी प्रमाण पत्र दिए।
पॉलिसी मैच्योरिटी पर ताले मिले
जब निवेशकों की पॉलिसी की मैच्योरिटी पूरी हुई और वे पैसा लेने ऑफिस पहुंचे तो वहां ताले लगे मिले। उज्जैन, बांसवाड़ा और रतलाम स्थित कथित हेड ऑफिस और कॉर्पोरेट ऑफिस भी बंद मिले। निवेशकों को एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो गई है।
शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ प्रकरण
जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली मंदसौर में धारा 420, 409 भादंवि व म.प्र. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। जांच में कुल 22 पॉलिसी दस्तावेज, कई चेक व बैंक स्टेटमेंट जब्त किए गए।
मुख्य आरोपी रघुवीरसिंह राजपूत और सहयोगी दशरथसिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जबकि एक अन्य आरोपी नारायणलाल शर्मा अब भी फरार है।
10 साल की सजा एवं 34 लाख 10 हजार का जुर्माना
मामले में 19 गवाहों के कथन कराए गए। सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी रघुवीरसिंह को दोषी मानते हुए उसे 10 साल के कठोर कारावास और 34,10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इसमें 55 निवेशकों को 60-60 हजार रुपए और अन्य को 1.10 लाख रुपए लौटाने के आदेश शामिल हैं।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक तेजपाल सिंह शक्तावत, अपर लोक अभियोजक भगवतीलाल शर्मा और भगवानसिंह ने प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपी को सजा दिलाई।
Author: Dashpur Disha
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