दो बत्ती चौपाटी पर चला निगम का बुलडोजर, विरोध के बीच अतिक्रमण पर हुई कार्रवाई

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रतलाम। शहर की पहचान और युवाओं की पसंद रही दो बत्ती चौपाटी पर आखिरकार नगर निगम का बुलडोजर चल गया। लंबे समय से यहां अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मंगलवार को निगम अमले ने जेसीबी की मदद से चौपाटी क्षेत्र में बनी दुकानों और अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।

कार्रवाई के साथ ही चौपाटी बचाओ अभियान चला रहे दुकानदारों और ठेला संचालकों का विरोध भी खुलकर सामने आ गया। स्थानीय दुकानदार पहले ही प्रदर्शन और हड़ताल के जरिए अपना विरोध दर्ज करा चुके थे, लेकिन निगम की कार्रवाई के सामने उनकी एक नहीं चली।

जेसीबी पर चढ़ गए दुकानदार, रोकनी पड़ी कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान विरोध इतना बढ़ गया कि कुछ दुकानदार चलती जेसीबी पर ही चढ़ गए। उन्होंने कार्रवाई रुकवा दी और निगम अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा। दुकानदारों का आरोप था कि उन्हें पर्याप्त पूर्व सूचना या नोटिस दिए बिना अचानक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

स्थिति बिगड़ती देख निगम अधिकारियों ने स्टेशन रोड थाना पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस के पहुंचने के बाद दुकानदारों ने अधिकारियों से मांग रखी कि उन्हें नगर निगम आयुक्त अनिल भाना से मुलाकात कर अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए। दुकानदारों की मांग पर प्रशासन और पुलिस की सहमति से कार्रवाई करीब आधे घंटे के लिए रोक दी गई।

सड़क-जाम खत्म करने की कवायद या रोजी-रोटी पर चोट?
नगर निगम की ओर से कार्रवाई के पीछे शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और सड़क पर लगने वाले जाम को खत्म करने की बात कही जा रही है। लेकिन दूसरी ओर कार्रवाई ने उन दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है, जिनकी दुकानें लंबे समय से यहां कारोबार का जरिया बनी हुई थीं।

दो बत्ती चौपाटी महज दुकानों और ठेलों का इलाका नहीं रहा है। शाम ढलते ही यहां रोशनी, खान-पान और लोगों की चहल-पहल शहर की एक अलग तस्वीर पेश करती थी। परिवारों से लेकर युवाओं तक के लिए यह स्थान लंबे समय से मेल-मिलाप और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र रहा है।

अब निगम की कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि चौपाटी का स्वरूप बदलेगा तो क्या शहर की यह पहचान भी बदल जाएगी? एक तरफ यातायात और अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक मजबूरी है, तो दूसरी तरफ वर्षों से यहां कारोबार कर रहे दुकानदारों की रोजी-रोटी का सवाल। आने वाले दिनों में निगम और दुकानदारों के बीच यह टकराव किस दिशा में जाता है, इस पर शहर की नजरें टिकी हैं।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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