विद्यार्थियों की सुरक्षा से खिलवाड़ कब तक ? स्कूलों के आसपास नियमों को ताक पर रखकर पेट्रोल पंप! प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल

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दशपुर दिशा । दीपक सोनी
जावरा। विद्यार्थियों की सुरक्षा से बड़ा आखिर क्या हो सकता है? लेकिन जावरा में विद्यालयों के आसपास संचालित पेट्रोल पंपों को लेकर सामने आ रही शिकायतों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आज अनुविभागीय अधिकारी जावरा को आवेदन सौंपकर मांग की गई कि विद्यालयों के समीप नियमों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे पेट्रोल पंपों की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

विद्यालयों के आसपास प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी आवागमन करते हैं। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर पेट्रोलियम पदार्थों से जुड़े प्रतिष्ठानों के संचालन में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है। यदि नियमों की अनदेखी हुई है तो सवाल सिर्फ एक पेट्रोल पंप का नहीं, बल्कि सैकड़ों विद्यार्थियों की सुरक्षा और प्रशासन की जवाबदेही का है।

हादसे का इंतजार क्यों-
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी अप्रिय घटना के बाद जागेगा? जब स्कूलों में छोटे-छोटे बच्चे और विद्यार्थी रोजाना पहुंचते हैं, तब उनकी सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन है तो उसकी निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी बनती है।
आवेदन में मांग की गई है कि स्कूलों के समीप संचालित पेट्रोल पंपों की तत्काल जांच कर उनके वैध दस्तावेज, अनुमतियां और निर्धारित सुरक्षा मानकों की पड़ताल की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

साथ ही यह भी मांग उठाई गई है कि यदि किसी अधिकारी या संबंधित जिम्मेदार तंत्र की लापरवाही से नियमों की अनदेखी हुई है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। आखिर अनुमति और सत्यापन की प्रक्रिया में यदि चूक हुई है तो उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

अधिकारियों से सीधा सवाल—बच्चों की सुरक्षा कब बनेगी पहली प्राथमिकता
विद्यालय, अस्पताल और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। भविष्य में भी ऐसे संवेदनशील स्थानों पर किसी नए पेट्रोल पंप की अनुमति देने से पहले सभी निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
अब नजरें प्रशासन पर हैं। क्या अधिकारी शिकायत को सिर्फ कागजों में दबाकर रखेंगे या मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाएंगे? विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला किसी भी प्रकार की खानापूर्ति नहीं, बल्कि तत्काल और पारदर्शी कार्रवाई की मांग करता है।
यदि निर्धारित समय में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो जनहित और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी गई है।

विद्यार्थियों की सुरक्षा कोई समझौते का विषय नहीं है। प्रशासन को जागना होगा, नियमों की जांच करनी होगी और जहां भी उल्लंघन मिले, वहां नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी। हादसे के बाद जागने से बेहतर है कि प्रशासन आज ही जाग जाए।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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