जावरा में सड़कों पर गौवंश, ट्रांसफॉर्मरों के नीचे कचरा… आखिर कब जागेगा प्रशासन?

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

गौरक्षा दल ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, 8 दिन की मोहलत; कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन की चेतावनी

जावरा। जावरा शहर की सड़कों पर बैठे गौवंश और विद्युत ट्रांसफॉर्मरों के आसपास पसरा कचरा अब सिर्फ अव्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि गौवंश के साथ आम नागरिकों की जान पर मंडराता खतरा बन चुका है। रतलाम नाका से लेकर पत्रकार कॉलोनी, चौपाटी, रतलामी गेट, पीपली बाजार, खाचरोद नाका और दादावाड़ी सहित कई इलाकों में सड़कों पर बैठे गौवंश के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

इसी गंभीर मुद्दे को लेकर गौ रक्षा दल मध्यप्रदेश ने मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) जावरा को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए। संगठन ने साफ शब्दों में कहा कि यदि 8 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन किया जाएगा।

रात और बारिश में बढ़ जाता है खतरा
सड़कों पर बैठे गौवंश के कारण सबसे ज्यादा खतरा रात्रि के समय और बारिश के दौरान बढ़ जाता है। कम दृश्यता में वाहन चालक अचानक सामने आए गौवंश से टकरा सकते हैं। संगठन का कहना है कि कई बार गौवंश वाहन की चपेट में आकर घायल होते हैं और कुछ मामलों में उनकी मौत तक हो जाती है।

ऐसे में सवाल यह है कि जब समस्या लंबे समय से शहर में दिखाई दे रही है, तो जिम्मेदार महकमे स्थायी समाधान के लिए आखिर इंतजार किस बात का कर रहे हैं?

ट्रांसफॉर्मरों के नीचे कचरा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
गौ रक्षा दल ने विद्युत ट्रांसफॉर्मरों और बिजली के खंभों के आसपास जमा कचरे को भी गंभीर खतरा बताया। भोजन की तलाश में गौवंश इन स्थानों तक पहुंचता है, जहां बिजली के उपकरणों और कचरे के बीच दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

खतरा सिर्फ गौवंश तक सीमित नहीं है। बच्चे, राहगीर और आसपास से गुजरने वाले नागरिक भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। संगठन ने प्रशासन से सवाल किया कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही इन संवेदनशील स्थानों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही?

गौ रक्षा दल की 7 प्रमुख मांगें

– सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंश को तत्काल सुरक्षित गौशालाओं में पहुंचाया जाए।
– गौशालाओं में मृत गौवंश को ट्रेंचिंग ग्राउंड या कचरा स्थल पर फेंकने की व्यवस्था बंद कर सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया जाए।
– विद्युत ट्रांसफॉर्मरों और बिजली के खंभों के आसपास जमा कचरा तत्काल हटाया जाए।
– नगर पालिका और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम बनाकर संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कराया जाए।
– ट्रांसफॉर्मरों के आसपास कचरा फेंकने पर रोक लगाने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
– गौवंश और आमजन की सुरक्षा के लिए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
– नियमित सफाई और निरीक्षण की स्थायी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि समस्या बार-बार सिर न उठाए।

8 दिन की मोहलत… फिर सड़क पर उतरेगा संगठन
ज्ञापन सौंपते हुए गौ रक्षा दल ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि 8 दिनों के भीतर मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन जनआंदोलन करेगा। संगठन ने आंदोलन की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गोपाल सिंह सिसोदिया, प्रदेश महासचिव विनोद पाटीदार, रतलाम जिला अध्यक्ष बंटी पाटीदार, उज्जैन संभाग उपाध्यक्ष शंभूलाल पाटीदार, जावरा नगर अध्यक्ष पुष्कर पाटीदार, सुरेश धाकड़, मनोहर पाटीदार, केपी सिंह, विष्णु पंचाल, विपिन बना, नगर उपाध्यक्ष शुभम पाटीदार, रवि पाटीदार, तुषार सिंह, पवन सिंह, पवन पाटीदार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

गौ रक्षा दल ने कहा कि गौवंश की सुरक्षा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, स्वच्छता और आमजन की जान-माल की सुरक्षा से जुड़ा सीधा जनहित का मुद्दा है। अब देखना यह है कि प्रशासन 8 दिनों की इस मोहलत में जमीन पर कितना काम करता है या फिर शहर को किसी बड़े हादसे का इंतजार करना पड़ेगा।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

error: Content is protected !!