राजहंस कॉलोनी विवाद में इस्कॉन ने उठाया कदम, जन्माष्टमी कार्यक्रम निरस्त और विवादित निर्माण हटाने के निर्देश; स्थानीय निवासियों, कॉलोनी मालिक व ब्राह्मण समाज ने SP को सौंपा ज्ञापन
मंदसौर। शहर की राजहंस कॉलोनी में इस्कॉन के नाम से जुड़ा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में नया मोड़ तब आया, जब स्वयं इस्कॉन संस्था की ओर से कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को सस्पेंड किए जाने की जानकारी सामने आई। साथ ही संबंधित स्थान पर प्रस्तावित जन्माष्टमी कार्यक्रम को भी निरस्त कर दिया गया है। विवादित निर्माण को हटाने के निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई है।

इस्कॉन की इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों और कॉलोनी प्रबंधन की ओर से संबंधित गतिविधियों को लेकर पहले से आपत्तियां जताई जा रही थीं। आरोप लगाए जा रहे थे कि कुछ लोगों द्वारा इस्कॉन संस्था के नाम का इस्तेमाल कर स्थानीय स्तर पर दबाव बनाने और विवाद की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा था। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
SP कार्यालय पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
मामले को लेकर सोमवार को राजहंस कॉलोनी के स्थानीय निवासी, कॉलोनी मालिक और ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने SP के समक्ष पूरे घटनाक्रम से जुड़ी अपनी आपत्तियां और शिकायतें रखीं तथा निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि धार्मिक आस्था और धार्मिक संस्थाओं का सभी लोग सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी धर्म, भगवान या संस्था के नाम का इस्तेमाल कर यदि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने, लोगों पर दबाव बनाने अथवा विवाद खड़ा करने का प्रयास किया जाता है तो इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस्कॉन की कार्रवाई से उठे सवाल
मामले में सबसे अहम पहलू यह है कि संस्था की ओर से तीन लोगों को सस्पेंड किए जाने के साथ कार्यक्रम निरस्त करने और निर्माण हटाने की बात कही गई है। इसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर संबंधित स्थान पर ऐसी कौन-सी गतिविधियां चल रही थीं, जिनको लेकर संस्था को अपने स्तर पर कार्रवाई करनी पड़ी?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संस्था के नाम और धार्मिक भावनाओं को ढाल बनाकर विवादित गतिविधियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा था। दूसरी ओर, इन आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब पुलिस जांच पर टिकी नजरें
SP कार्यालय में ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि विवादित स्थान पर किसकी अनुमति से गतिविधियां संचालित की जा रही थीं और निर्माण किस आधार पर किया गया।
फिलहाल इस्कॉन की कार्रवाई के बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। अब देखना होगा कि पुलिस शिकायत और ज्ञापन के आधार पर क्या कार्रवाई करती है तथा जांच में पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर क्या सामने आती है।
Author: Dashpur Disha
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