अधीक्षिका बोलीं—लगातार बनाया जा रहा दबाव, बदनाम करने और ब्लैकमेल करने की दी जा रही धमकियां। आईजी-डीआईजी से की आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
मन्दसौर। शासकीय विमुक्त जाति कन्या छात्रावास गरोठ की अधीक्षिका के साथ अभद्र व्यवहार, शासकीय कार्य में बाधा डालने, छात्रावास परिसर मे अनधिकृत प्रवेश करने, धमकी देने, ब्लैकमेलिंग और अवैध राशि मांगने के आरोप में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

अधीक्षिका डॉ.कृष्णा सकवार द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को कन्या छात्रावास की कुछ छात्राओं की तबीयत खराब होने पर वे उन्हें तत्काल उपचार के लिए शासकीय अस्पताल लेकर गई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद छात्राओं को छुट्टी दे दी गई। इस घटना की जिला प्रशासन द्वारा जांच भी की जा रही है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान 19 जुलाई की दोपहर घनश्याम देवड़ा निवासी कोठड़ा बुजुर्ग, विनोद मेहर निवासी गरोठ, सुभाष बालेचा, मुकेश सूर्यवंशी और राकेश ग्वाला सहित एक अज्ञात व्यक्ति बिना वैधानिक अनुमति के छात्रावास परिसर में जबरन प्रवेश कर गए। अधीक्षिका का कहना है कि कन्या छात्रावास में छात्राएं निवास करती हैं और उनकी सुरक्षा एवं गोपनीयता की जिम्मेदारी अधीक्षिका की होने के कारण उन्होंने उक्त लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी थी। घटना के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने की बात भी शिकायत में कही गई है।
शिकायत के मुताबिक, जब अधीक्षिका ने उन्हें बिना अनुमति छात्रावास में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया तो उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई। आरोप है कि घनश्याम देवड़ा छात्रावास परिसर में अधीक्षिका के आवास तक भी पहुंच गया।
10 लाख रुपये मांगने का आरोप
अधीक्षिका ने शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि घटना के बाद घनश्याम देवड़ा द्वारा उनसे अवैध राशि की मांग की गई। राशि देने से इनकार करने पर उन्हें बदनाम करने और ब्लैकमेल करने की धमकी दी गई। शिकायत के अनुसार, घनश्याम देवड़ा और राकेश ग्वाला द्वारा कहा गया कि 10 लाख रुपये नहीं दिए तो उन्हें गरोठ में नौकरी नहीं करने दी जाएगी।
अधीक्षिका ने आरोप लगाया कि उनके विरुद्ध झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, बदनाम करने और ब्लैकमेल करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न प्रकार का दबाव बनाकर अवैध धनराशि मांगने का भी आरोप लगाया गया है।
सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
शिकायत में अधीक्षिका ने अपनी तथा छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते संबंधित लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो उनकी और छात्राओं की सुरक्षा को खतरा बना रह सकता है।
अधीक्षिका ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर छात्रावास में अनधिकृत प्रवेश, शासकीय कार्य में बाधा, अभद्र व्यवहार, धमकी, ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के प्रयास के आरोपों में संबंधित लोगों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
छात्रावास अधीक्षिका ने दशपुर दिशा संवाददाता से चर्चा में बताया कि इस प्रकरण में शामिल घनश्याम देवड़ा नामक व्यक्ति द्वारा अभी भी सोशल मीडिया के जरिए निरंतर धमकी भरे मैसेज मेरे विरुद्ध किए जा रहे हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी निरंतर मेरी छवि धूमिल की जा रही है जिससे आहत होकर मेरे द्वारा आईजी डीआईजी से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई है।
पुलिस ने शिकायत और ई-एफआईआर के आधार पर छह लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले में सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।








