मंदसौर। रक्षाबंधन पर्व को सामाजिक रिश्तों से प्रकृति तक विस्तार देने तथा जल, प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मंदसौर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा शुक्रवार को ‘पेड़ को राखी–प्रकृति से भाईचारा’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय परिसर में पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।
सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, मध्यप्रदेश शासन द्वारा रक्षाबंधन पर्व 28 अगस्त 2026 के अवसर पर सामाजिक रिश्तों को प्रकृति से जोड़ते हुए जल, प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण का संकल्प लेने तथा विभिन्न वर्गों को इस अभियान से जोड़ने के लिए ‘एक राखी–एक संकल्प’, ‘रक्षासूत्र–एक राखी–एक रिश्ता’ एवं ‘पेड़ को राखी–प्रकृति से भाईचारा’ जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा 15 फूलदार चांदनी के पौधों का रोपण भी किया गया। स्वयंसेवकों ने पौधों की देखभाल एवं उनके संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि जिस प्रकार भाई-बहन के रिश्ते में रक्षा का संकल्प महत्वपूर्ण है, उसी प्रकार प्रकृति और वृक्षों की रक्षा करना भी हम सभी का नैतिक दायित्व है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जे. एस. दुबे ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। रक्षाबंधन जैसे पर्व को प्रकृति संरक्षण से जोड़ना विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
इतिहास विभागाध्यक्ष वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. ऊषा अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव परिवार का अभिन्न अंग माना गया है। पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधना प्रकृति के प्रति प्रेम, कृतज्ञता और संरक्षण की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधे की जिम्मेदारी लेकर उसका संरक्षण करे, तो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है।
कार्यक्रम में जिला संगठक एवं कार्यक्रम अधिकारी, एनएसएस डॉ. अनिल कुमार आर्य ने स्वयंसेवकों को पर्यावरण संरक्षण एवं पौधों की नियमित देखभाल के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस का उद्देश्य युवाओं में सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना है तथा प्रकृति संरक्षण इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य है।
कार्यक्रम में बॉटनी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेरणा मित्रा, क्रीड़ाधिकारी श्री राजू कुमार, पर्यावरण प्रभारी श्री अशोक धनोतिया, लेब टेक्नीशियन श्री दिनेश पंवार सहित एनएसएस स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।
Author: Dashpur Disha
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