बुजुर्ग दंपती पर पत्थरों से हमला कर लूट की वारदात का खुलासा, प्रेम संबंध के चलते बनाई गई थी लूट की योजना; एक आरोपी ने आत्महत्या की
गरोठ। थाना गरोठ पुलिस ने ग्राम चांदबर्डा में बुजुर्ग दंपती की हत्या और लूट के सनसनीखेज मामले का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि वारदात में शामिल बताए जा रहे एक आरोपी ने घटना के बाद आत्महत्या कर ली। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर लूटे गए चांदी के जेवरात, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और आरोपियों के खून से सने कपड़े बरामद किए हैं।

खेत की झोपड़ी में सो रहे दंपती पर किया हमला
पुलिस के अनुसार 25 अगस्त 2026 को चांदबर्डा निवासी नारायण बंजारा ने थाना गरोठ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके माता-पिता देवीलाल और भुलीबाई गांव से दूर खेत पर बनी झोपड़ी में रात के समय सो रहे थे। अज्ञात व्यक्ति ने भारी पत्थरों से देवीलाल के सिर पर हमला कर उनकी हत्या कर दी, जबकि भुलीबाई गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 334/2026 के तहत धारा 103(1), 109(1) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। इसी दौरान मृतक के पुत्र ने पुलिस को बताया कि उसकी मां पैरों में चांदी के भारी आमले पहनती थीं, लेकिन घटना के बाद वे जेवरात गायब थे। इससे पुलिस को हत्या के साथ लूट की आशंका हुई। उपचार के दौरान घायल भुलीबाई की भी मौत हो गई, जिसके बाद मामला दोहरे हत्याकांड में बदल गया।
साइबर सेल, डॉग स्क्वायड और एफएसएल की मदद से जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मंदसौर विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में साइबर सेल, डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम को मौके पर भेजा गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ राम सनेही मिश्रा और एसडीओपी गरोठ विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गरोठ उपनिरीक्षक बलवीर सिंह यादव के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया।
पुलिस टीमों ने गरोठ, शामगढ़ और भानपुरा थाना क्षेत्रों के साथ झालावाड़, भवानीमंडी, नीमच और मनासा क्षेत्र में संभावित ठिकानों पर आरोपियों की तलाश की। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और साइबर सेल से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
लूट की योजना में महिला की भूमिका होने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कान्हा उर्फ करण पिता विष्णु, निवासी दुर्गपुरा थाना मनासा, हाल सगोरिया थाना शामगढ़; पवन पिता उदयराम, निवासी सातलखेड़ी थाना भानपुरा; तथा संतोषबाई उर्फ संता पति अमरलाल, निवासी भाटखेड़ी थाना नाहरगढ़, हाल चांदबर्डा थाना गरोठ के रूप में हुई है।
पुलिस का दावा है कि संतोषबाई करीब दो साल से अपने पति से अलग रहकर चांदबर्डा में अपने माता-पिता के पास रह रही थी। उसके कान्हा उर्फ करण से प्रेम संबंध थे। करण के मित्र पवन और राजेश भी इस योजना में शामिल बताए गए हैं।
पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि संतोषबाई ने देवीलाल और भुलीबाई के बारे में उन्हें जानकारी दी थी कि दोनों गांव से दूर खेत पर बनी झोपड़ी में अकेले रहते हैं और भुलीबाई चांदी के भारी आमले पहनती हैं। इसके बाद पैसों के लिए जेवरात लूटने की योजना बनाई गई।
पत्थरों से हमला कर लूटे चांदी के जेवरात
पुलिस के अनुसार 24-25 अगस्त की दरमियानी रात आरोपी चांदबर्डा स्थित खेत की झोपड़ी में पहुंचे। वहां सो रहे देवीलाल और भुलीबाई पर भारी पत्थरों से हमला किया गया। हमले में देवीलाल की मौत हो गई, जबकि भुलीबाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके बाद आरोपियों ने भुलीबाई के पैरों में पहने चांदी के आमले निकाल लिए और मौके से फरार हो गए।
एक आरोपी ने आत्महत्या की
पुलिस के अनुसार मामले में शामिल बताए जा रहे आरोपी राजेश पिता मोहनलाल निवासी राजगढ़, जिला झालावाड़ (राजस्थान), हाल मनासा, जिला नीमच ने घटना के बाद खड़ावदा के पास किसी गांव में खेत की झोपड़ी में सो रहे बुजुर्ग दंपती की हत्या और लूट का उल्लेख करते हुए सुसाइड नोट लिखा तथा मनासा स्थित अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
1.45 लाख रुपए का मश्रुका बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर करीब 50 हजार रुपए कीमत के पुराने चांदी के आमले, वारदात में प्रयुक्त करीब 50 हजार रुपए कीमत की बिना नंबर की हीरो एक्सट्रीम मोटरसाइकिल और करीब 45 हजार रुपए कीमत के तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
इसके अलावा पुलिस ने वारदात के समय आरोपियों द्वारा पहने गए खून से सने कपड़े तथा घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किए गए खून से सने बड़े पत्थर भी जब्त किए हैं। मामले में पुलिस की आगे की जांच जारी है।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
मामले के खुलासे में थाना प्रभारी गरोठ उपनिरीक्षक बलवीर सिंह यादव सहित उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह चौहान, उपनिरीक्षक मांगीलाल चौहान, उपनिरीक्षक मनोज महाजन, सहायक उपनिरीक्षक जसराज सिंह चंदेल, सहायक उपनिरीक्षक मीना राठौर, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक आशीष बैरागी, प्रधान आरक्षक मुजफ्फर सहित थाना गरोठ, एसडीओपी कार्यालय गरोठ, चौकी चंदवासा और साइबर सेल की टीम का सराहनीय योगदान रहा।
Author: Dashpur Disha
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