भानपुरा नगर परिषद में दो सीएमओ नियुक्त, 15 दिनों से असमंजस; विकास कार्य हो रहे प्रभावित
भानपुरा। नगर परिषद भानपुरा इन दिनों प्रशासनिक असमंजस की स्थिति से गुजर रही है। अलग-अलग अधिकारियों द्वारा जारी आदेशों के कारण नगर परिषद में दो अधिकारियों की मुख्य नगरपालिका अधिकारी के रूप में नियुक्ति हो गई है। इस स्थिति के चलते पिछले करीब 15 दिनों से प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, नगर परिषद में 15 जून से 2 जुलाई 2026 तक सीएमओ का पद रिक्त था। इसके बाद 2 जुलाई 2026 को संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, उज्जैन द्वारा जारी आदेश क्रमांक 3/72 के तहत गरोठ नगर परिषद के सीएमओ गिरीश शर्मा को भानपुरा नगर परिषद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। आदेश के बाद नगर परिषद अध्यक्ष विनोद शिव भानपिया ने नियमानुसार उन्हें पदभार ग्रहण कराया। गिरीश शर्मा ने उसी दिन कार्यभार संभाल लिया तथा जून माह के वेतन संबंधी प्रक्रिया भी पूर्ण कराई।
इसी बीच जिलाधीश कार्यालय, मंदसौर से 1 जुलाई 2026 का एक आदेश, जिस पर अपर कलेक्टर एकता जायसवाल के हस्ताक्षर हैं, नगर परिषद को 3 जुलाई की शाम लगभग 4:45 बजे प्राप्त हुआ। इस आदेश में परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टर रोहित राणावत को भानपुरा नगर परिषद का सीएमओ नियुक्त किया गया था। इसके बाद 4 जुलाई को रोहित राणावत ने नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
चार्ज एक के पास, आदेश दूसरे के नाम
स्थिति तब जटिल हो गई जब गिरीश शर्मा पहले ही विधिवत चार्ज ले चुके थे, जबकि बाद में जिलाधीश का आदेश प्राप्त होने पर रोहित राणावत ने भी पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू की। वर्तमान में प्रशासनिक अधिकार गिरीश शर्मा के पास हैं, जबकि रोहित राणावत के पास जिलाधीश का नियुक्ति आदेश है। इससे नगर परिषद में अधिकारों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
अध्यक्ष ने मांगा उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन
नगर परिषद अध्यक्ष विनोद शिव भानपिया ने बताया कि पहले प्राप्त आदेश का पालन करते हुए गिरीश शर्मा को कार्यभार सौंपा गया था। इसके बाद दूसरा आदेश प्राप्त होने से भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। उन्होंने इस संबंध में जिलाधीश मंदसौर एवं संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास को पत्र लिखकर मार्गदर्शन और शीघ्र निर्णय की मांग की है।
उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में नगर परिषद के कई आवश्यक कार्य लंबित हैं। दो अधिकारियों की नियुक्ति के बावजूद सीएमओ पद पर स्पष्टता नहीं होने से नागरिक सुविधाएं और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र समाधान निकालने की अपील की है।
क्या बोले रोहित राणावत
परिवीक्षाधीन अधिकारी रोहित राणावत ने बताया कि उन्हें 1 जुलाई 2026 को जिलाधीश के आदेश की जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से मिली थी। उस समय वे भोपाल में थे। आदेश के पालन में वे 4 जुलाई को भानपुरा नगर परिषद पहुंचे और उपस्थिति दर्ज कराई। वहां उन्हें पता चला कि उनसे पहले गिरीश शर्मा को कार्यभार सौंपा जा चुका है। उन्होंने कहा कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करेंगे।
क्या बोले गिरीश शर्मा
प्रभारी सीएमओ गिरीश शर्मा ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा रोहित राणावत की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया है। वे उच्च अधिकारी हैं। उन्हें जो भी आदेश सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त होगा, उसका पालन किया जाएगा।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









