दशपुर दिशा । योगेश पोरवाल
मन्दसौर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने जितेंद्र कुमार बोदाना द्वारा दायर रिट याचिका संख्या 16936/2025 को खारिज कर दिया है। यह याचिका बोदाना ने अपनी शराब की दुकान के लाइसेंस निलंबन/समाप्ति और सीलिंग के खिलाफ दायर की थी। माननीय श्री जस्टिस प्रणय वर्मा की एकल पीठ ने 11 सितंबर 2025 को मामले पर सुनवाई आरक्षित रखी थी, जिसका फैसला आज सुनाया गया।

याचिकाकर्ता जितेंद्र कुमार बोदाना ने दावा किया कि उन्हें मंदसौर जिले के ग्राम जमालपुरा में संयुक्त शराब की दुकान का लाइसेंस दिया गया था। हालांकि, कम आबादी के कारण बिक्री न होने पर उन्होंने दुकान को ग्राम दौलतपुरा में स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी। उनका कहना था कि प्रतिवादी अधिकारियों ने मौखिक रूप से इसकी अनुमति दी और ग्राम पंचायत हैदरवास से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) प्राप्त करने को कहा। इसके बाद उन्होंने दुकान दौलतपुरा में शुरू की, लेकिन प्रतिवादियों ने इसे अवैध रूप से सील कर दिया और 5 मई 2025 को कलेक्टर द्वारा लाइसेंस निलंबन/समाप्ति का शो-कॉज नोटिस जारी किया।
प्रतिवादियों ने तर्क दिया कि लाइसेंस केवल ग्राम जमालपुरा की निर्धारित सीमा के भीतर मान्य था, जबकि दौलतपुरा 5 किमी दूर और स्वीकृत क्षेत्र से बाहर है। मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 और 14 फरवरी 2025 की सरकारी अधिसूचना के अनुसार, स्थानांतरण के लिए आबकारी आयुक्त की लिखित अनुमति आवश्यक है, जो याचिकाकर्ता ने नहीं ली। नियमित निरीक्षण में उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ता के पास स्थानांतरण की लिखित अनुमति या दस्तावेज नहीं हैं, और मौखिक अनुमति का दावा अस्वीकार्य है। ग्राम पंचायत का एनओसी भी बिना औपचारिक अनुमति के पर्याप्त नहीं माना गया। चूंकि दुकान निर्धारित क्षेत्र से बाहर संचालित की जा रही थी, इसलिए प्रतिवादियों की कार्रवाई सही पाई गई। परिणामस्वरूप, याचिका को कोई गुण न होने के कारण खारिज कर दिया गया।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









