महू–नीमच फोरलेन से शहर की मुख्य सड़कों तक बढ़ा खतरा, गौरक्षा दल ने स्थायी समाधान की उठाई मांग
दशपुर दिशा । दीपक सोनी
रतलाम। जावरा शहर में आवारा गौवंश की बढ़ती संख्या अब आमजन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। महू–नीमच फोरलेन सहित शहर की प्रमुख सड़कों पर खुलेआम घूमते और सड़क के बीच बैठने वाले निराश्रित गौवंश लगातार दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। इसके बावजूद नगर पालिका की ओर से प्रभावी और स्थायी कार्रवाई नहीं होने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

शहरवासियों का कहना है कि सुबह से देर रात तक मुख्य मार्गों पर गौवंशों का जमावड़ा लगा रहता है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक सड़क पार करते या सड़क के बीच बैठे गौवंशों के कारण वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और भारी वाहनों के चालकों को हो रही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका समय-समय पर गोवंश पकड़ने के अभियान चलाने का दावा तो करती है, लेकिन ये अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह जाते हैं। कुछ दिनों बाद वही गौवंश दोबारा सड़कों पर दिखाई देने लगते हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है।
बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कम दृश्यता के कारण महू–नीमच फोरलेन जैसे व्यस्त मार्गों पर सड़क के बीच बैठे गौवंश किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। कई बार वाहन चालकों को अचानक वाहन मोड़ना या ब्रेक लगाना पड़ता है, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों की टक्कर का खतरा बढ़ जाता है।
गौ रक्षा दल ने प्रशासन से की मांग
गौ रक्षा दल, जावरा जिला रतलाम ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि शहर एवं महू–नीमच फोरलेन पर घूम रहे सभी निराश्रित गौवंशों को तत्काल पकड़कर गोशालाओं में सुरक्षित पहुंचाया जाए। साथ ही प्रत्येक माह कम से कम चार विशेष अभियान चलाकर सड़कों को गौवंश मुक्त किया जाए, गोवंशों के लिए स्थायी आश्रय, चारे एवं पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की जाए।
अब आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई की जरूरत
गौ रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि यह केवल गौवंशों की सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि हजारों नागरिकों के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। यदि नगर पालिका ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए तो भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना की नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
शहरवासियों ने भी प्रशासन से मांग की है कि केवल कागजी कार्रवाई और औपचारिक अभियान चलाने के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि गौवंश भी सुरक्षित रहें और आम नागरिक भी बिना भय के सड़कों पर आवागमन कर सकें।
Author: Dashpur Disha
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