दशपुर दिशा । योगेश पोरवाल
मंदसौर। गत दिवस विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष ये आपत्ति जताई कि विधानसभा के प्रश्नों के जवाब में जानकारी एकत्रित की जा रही है जैसा जवाब देकर अधिकारी प्रश्नों का जवाब देने से बच रहे है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रदेश सरकार के मंत्रियों को सलाह दी है कि वे विधायकों द्वारा सदन में उठाए गए सवालों का सीधा और स्पष्ट जवाब दें। ‘जानकारी एकत्र की जा रही है…कहकर टालें नहीं।
मन्दसौर में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय) के प्राचार्य डॉ. ज्योतिस्वरूप दुबे जब से मंदसौर कॉलेज में पदस्थ हुए है तब से सूचना अधिकार अधिनियम और विधानसभा प्रश्नों जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को तवज्जो नहीं दे रहे है। पब्लिक डोमेन की जानकारियों को तृतीय पक्ष बताकर आवेदकों को गुमराह किया जा रहा है। इतना ही नहीं विधानसभा से भी ऐसी जानकारियां छिपाई जा रही है। कॉलेज से जुड़े एक प्रश्न के जवाब में दो विधानसभा सत्रों में एक ही जवाब दिया जा रहा है कि जानकारी एकत्रित की जा रही है।
विधानसभा सवाल जो विधायक ने पूछा था-
उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीएम एक्सीलेंस कॉलेज) मंदसौर में जनभागीदारी समिति के गठन हेतु आयोजित बैठक की प्रक्रिया प्रोसेडिंग क्या थी ? कृपया समिति के गठन की प्रोसिडिंग, बैठक के विवरण और समिति के सदस्यों की सूची उपलब्ध कराएँ । (ख) क्या दिनांक 25.11.2022 से 01.03.2025 तक जनभागीदारी समिति के बिना गठन या बिना समिति की स्वीकृति के प्राचार्य/सचिव द्वारा एकल रूप से कोई कार्य करवाए गए ? यदि हाँ तो इस अवधि में कुल कितनी राशि के कार्य करवाए गए और कौन-कौन से कार्य किए गए ? कृपया इन कार्यों से संबंधित बिल, कोटेशन और संपूर्ण नस्ती का विवरण उपलब्ध कराएँ। (ग) यदि जनभागीदारी समिति के गठन के बिना या समिति की स्वीकृति के बिना प्राचार्य/सचिव द्वारा कार्य करवाए गए, तो ऐसी स्थिति में प्राचार्य/अध्यक्ष के विरुद्ध कार्रवाई के क्या प्रावधान हैं ? कृपया शासन के नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (घ) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्र. 2450 तारांकित दिनांक 20/3/25 के बिंदु (ख) से (ड.) की जानकारी उपलब्ध करायें ।

प्रश्न के उत्तर में उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बताया कि : (क) जनभागीदारी समिति के गठन हेतु औपचारिक बैठक आयोजित नहीं हुई समिति के सदस्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट ‘अ’ अनुसार है। (ख) जी हॉ। शेष जानकारी एकत्र की जा रही है। (ग) जानकारी एकत्र की जा रही है। (घ) जानकारी एकत्र की जा रही है।

पिछले विधानसभा सत्र में प्रश्न लगने के बाद मन्दसौर प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में जनभागीदारी समिति का गठन हुआ। इससे पहले तक अध्यक्ष और सचिव क्या कर रहे थे, इन्होंने क्या-क्या काम करवा दिए, समय से समिति का गठन क्यों नहीं किया इन सब सवालों के जवाब कॉलेज प्राचार्य डॉ.दुबे अब तक नहीं ढूंढ पाए। ऐसा हम नहीं खुद डॉ.जेएस दुबे ने विधानसभा में दिए प्रश्न के जवाब में लिखा है। पिछले प्रश्न को रिपीट करने पर भी प्राचार्य ने विधानसभा में भी वही जवाब दिया जो पिछली विधानसभा में दिया था। ये प्राचार्य की कार्यशैली और अकर्मण्यता को दर्शाता है। ऐसे अधिकारियों के कारण ही विधानसभा में मंत्रियों की साख खराब होती है।
नेता प्रतिपक्ष की आपत्ति पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा आगे से ध्यान रखे मंत्री
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रदेश सरकार के मंत्रियों को सलाह दी है कि वे विधायकों द्वारा सदन में उठाए गए सवालों का सीधा और स्पष्ट जवाब दें। ‘जानकारी एकत्र की जा रही है… कहकर टालें नहीं। अध्यक्ष ने मंगलवार को यह टिप्पणी तब की जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाला बच्चन ने नियम 267 के तहत पाइंट ऑफ ऑर्डर उठाते हुए कहा कि आज मुख्यमंत्री को सदन में जवाब देने की बारी है। विधायकों के 16 प्रश्न ऐसे हैं जिनमें जवाब आया है कि जानकारी एकत्रित की जा रही है। मेरे खुद के दो प्रश्नों में यही जवाब आया है। यदि विधायकों को सदन में भी जवाब नहीं मिलेगा तो विधायक कहां मिलेगा। इसलिए अध्यक्षीय आसंदी से व्यवस्था दी जानी चाहिए कि आगे से ऐसा न हो। जब दूसरे मंत्री जवाब नहीं देते, यहां तक तो ठीक है, लेकिन सीएम से जुड़े प्रश्नों में भी ऐसे जवाब आएंगे तो प्रदेश की जनता के लिए दुर्भाग्य की बात है। इसके बाद अध्यक्ष तोमर ने आगाह किया कि आगे से ऐसा न हो, इसका ध्यान सभी मंत्रियों को रखना चाहिए।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









