दशपुर दिशा । अनिल नाहर
भानपुरा। हरियाली अमावस्या के अवसर पर भानपुरा क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटक स्थल बड़ा महादेव और छोटा महादेव में श्रद्धालुओं और पर्यटकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अनुमान के अनुसार, करीब 50 हजार से अधिक लोग इन स्थानों पर दर्शन, पूजा-अर्चना और झरनों में स्नान के लिए पहुंचे। कोटा, झालावाड़, भगवान मंडी, रामगंजमंडी, गरोठ, शामगढ़ और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आए।
जाम की स्थिति और यातायात व्यवस्था:
बड़ा महादेव मार्ग पर सड़क की संकीर्णता के कारण सुबह से ही वाहनों और पैदल श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लगभग तीन घंटे तक जाम की स्थिति रही। जाम के कारण पैदल चलने वालों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय पुलिस, प्रशासन, नगर परिषद और शिव सेवक मंडल ने व्यवस्था संभालने में पूरा सहयोग दिया, लेकिन भारी भीड़ के कारण जाम की स्थिति बनी रही। सुबह 5 बजे से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का आगमन देर रात तक जारी रहा।

प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक उत्साह:
श्रावण मास में जोरदार बारिश के कारण बड़ा महादेव के झरने पूरे वेग से बह रहे थे और जलाशय लबालब भरे थे। पर्यटकों ने झरनों में स्नान का भरपूर आनंद लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक और पूजा-अर्चना की। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और भीड़ देर रात तक बनी रही।
प्रशासनिक व्यवस्था और सहयोग:
पुलिस, प्रशासन, नगर परिषद और शिव सेवक मंडल ने व्यवस्था बनाए रखने में सराहनीय योगदान दिया। नगर परिषद ने पेयजल, सफाई और बिजली की समुचित व्यवस्था की। स्थानीय बस स्टैंड से पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें तैनात रहीं। हालांकि, सड़क के दोनों ओर बढ़ते अतिक्रमण के कारण हर साल जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।
अतिक्रमण की समस्या और सुझाव:
बड़ा महादेव और छोटा महादेव भानपुरा से करीब दो किलोमीटर दूर हैं और सीसी सड़क के कारण पहुंच सुगम है। लेकिन सड़क के किनारे अतिक्रमण के कारण यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि वन विभाग और राजस्व विभाग को तत्काल अतिक्रमण हटाकर फुटपाथ का निर्माण करना चाहिए, ताकि पैदल श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम मार्ग मिल सके।
स्थानीय व्यवसाय पर प्रभाव:
भारी भीड़ के कारण भानपुरा की होटलों, फल-फ्रूट की दुकानों और अन्य व्यवसायों में दिनभर रौनक रही। दोपहर बाद रुक-रुककर हुई बारिश ने भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं किया। समाचार लिखे जाने तक बड़ा महादेव और छोटा महादेव में श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी था।
Author: Dashpur Disha
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