बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला परिवहन अधिकारी (आरटीओ) रीना किराड़े और उनके एजेंट विवेक मलतारे को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने अंजड़ नगर में की।
रिश्वत की मांग और शिकायत
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता चेतन शर्मा ने लाइसेंस रिन्युअल सहित 22 अन्य कार्यों के लिए आरटीओ रीना किराड़े से संपर्क किया था। रीना ने उन्हें अपने एजेंट विवेक मलतारे से मिलने को कहा। विवेक ने रीना के इशारे पर इन कार्यों के लिए 30,000 रुपये की रिश्वत मांगी। परेशान होकर चेतन ने इंदौर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज की।

इंदौर लोकायुक्त की कार्रवाई
लोकायुक्त टीआई प्रतिभा तोमर के नेतृत्व में बुधवार दोपहर अंजड़ नगर के गायत्री मंदिर के पास ट्रैप ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान एजेंट विवेक मलतारे को पहली किस्त के 10,000 रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। इसके बाद लोकायुक्त ने आरटीओ रीना किराड़े और विवेक मलतारे को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
रीना किराड़े का विवादित इतिहास
रीना किराड़े इससे पहले मंदसौर में आरटीओ के पद पर तैनात थीं। उनकी नियुक्ति तब हुई थी, जब तत्कालीन आरटीओ ज्ञानेंद्र वैश्य पर कोविड-19 के दौरान मजदूरों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बसों में डीजल के फर्जी बिल लगाने का आरोप लगा था। वैश्य के स्थान पर रीना को मंदसौर भेजा गया था। सूत्रों के अनुसार, रीना किराड़े ने मंदसौर में भी एक निजी एजेंट के माध्यम से लेनदेन का काम किया था। इसके अलावा, उनके उज्जैन में भी फर्जीवाड़े के आरोप सामने आए थे।
लगातार बढ़ रहे भ्रष्टाचार के मामले
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सख्ती को दर्शाती है। रीना किराड़े और विवेक मलतारे के खिलाफ आगे की जांच जारी है।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









