ड्राइविंग लाइसेंस के लिए रि-टेस्ट लिखकर किया जा रहा आवेदकों को परेशान, जबकि टेस्ट ग्राउंड खटारा बसों और गाज़र घास से भरा पड़ा
दशपुर दिशा । योगेश पोरवाल

मन्दसौर। मन्दसौर जिला परिवहन कार्यालय की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे है। पूर्व आरटीओ पहलवान सिंह भिलाला पर नयागांव बेरियर से निकलने वाले भारी वाहनों की वसूली का मामला अभी थमा नहीं था कि एक नया मामला नवागत जिला परिवहन अधिकारी दीपक माझी के कार्यकाल को लेकर भी सामने आया है।
सूत्र बताते है कि आरटीओ कार्यालय में एक बाहरी व्यक्ति खुलेआम लोगों से संपर्क कर रिश्वत की डील कर रहा है और कार्यालय परिसर में उसके बैठने की भी व्यवस्था कर दी गई है। ये पहली बार नहीं है आरटीओ दीपक माझी इससे पहले रतलाम में भी एक व्यक्ति को वसूली पटेल रख चुके है। जो इनके लिए वसूली करता था। खास बात ये है कि रतलाम में सरफ़राज़ नाम का व्यक्ति इनके लिए काम करता था और मन्दसौर में जावेद नाम का व्यक्ति बताया जा रह है।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, एक जुलाई से मन्दसौर में पदस्थ हुए आरटीओ दीपक माझी के साथ एक ऐसा व्यक्ति भी सक्रिय है, जो विभाग का अधिकृत कर्मचारी नहीं है, लेकिन कथित रूप से लोगों से लेन-देन और काम कराने की बातचीत करता है। आरोप है कि कार्यालय में आने वाले आवेदकों से इसी व्यक्ति के माध्यम से अवैध वसूली की जा रही है।
व्यावसायिक वाहन संचालकों की नाराजगी है कि विभाग में विभिन्न कार्यों के लिए पहले की तुलना में अधिक राशि मांगी जा रही है। हालांकि अधिकांश वाहन संचालक खुलकर शिकायत करने से बचते हैं, क्योंकि उन्हें आशंका रहती है कि शिकायत के बाद उनके वाहनों पर कार्रवाई बढ़ सकती है, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो सकता है। कुछ लोगों ने आरटीओ के इस कृत्य की जनप्रतिनिधियों से मौखिक शिकायत भी की है।
परिवहन विभाग को लेकर लंबे समय से यह आरोप लगते रहे हैं कि रिश्वत की राशि सीधे अधिकारी या कर्मचारी नहीं लेते, बल्कि कथित रूप से एजेंटों या निजी सहायकों के माध्यम से लेन-देन कराया जाता है। विभाग में सक्रिय एजेंटों की भूमिका को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
रतलाम में भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
आरटीओ दीपक माझी पिछले साल जब रतलाम में पदस्थ थे, तब भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें की गई थीं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि वे लंबे समय तक एक ही जिले में पदस्थ रहे और कथित रूप से एक निजी व्यक्ति के माध्यम से वसूली कराते थे। शिकायत में उनकी संपत्तियों की जांच की मांग भी की गई थी। उस समय इन आरोपों की जांच की प्रक्रिया शुरू होने की बात भी सामने आई थी। स्थानीय मीडिया में भी इस संबंध में खबरें प्रकाशित हुई थीं।
खंडवा में भाजपा नेताओं ने किया था चक्काजाम
खंडवा में पदस्थापना के दौरान भाजपा नेता राकेश बंसल ने भी आरटीओ दीपक मांझी पर अवैध वसूली के आरोप लगाए थे। बंसल का आरोप था कि डंपर संचालकों से प्रति वाहन मासिक राशि की मांग की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राशि नहीं देने पर उनके वाहनों के खिलाफ लगातार चालानी कार्रवाई की गई। उस समय इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम भी हुआ था।
टेस्ट ग्राउंड की बदहाल स्थिति पर सवाल
जिला परिवहन कार्यालय के ड्राइविंग टेस्ट ग्राउंड की स्थिति भी सवालों के घेरे में है। टेस्ट ट्रैक पर लंबे समय से खटारा बसें खड़ी हैं, चारों ओर झाड़ियां उगी हुई हैं और पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के बावजूद कई आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए री-टेस्ट लिखकर भेजा जा रहा है। अब ये समझ से परे है कि ये किस ग्राउंड पर आवेदकों का ड्राइविंग टेस्ट ले रहे है।

Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।








