पट्टा दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपये लेने का आरोप, जनसुनवाई में शिकायत; करण सिंह परिहार ने आरोपों को बताया निराधार

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मंदसौर। जमीन का पट्टा दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपये लेने, पट्टा नहीं दिलाने और पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने के आरोपों को लेकर कृषि उपज मंडी में पदस्थ सुरक्षा गार्ड रितेश आर्य ने मंगलवार को जनसुनवाई में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मामले में नामजद मजदूर कल्याण समिति के सदस्य करण सिंह परिहार ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सभी आरोपों को निराधार बताया है।

शिकायतकर्ता रितेश आर्य, निवासी ग्राम नेनोरा, तहसील मल्हारगढ़ ने अपने आवेदन में बताया कि वह वर्तमान में कृषि उपज मंडी में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत है। उसके अनुसार, करीब दो वर्ष पूर्व उसके साथ कार्य करने वाले लक्ष्मीनारायण खींची ने स्वयं को मजदूर कल्याण समिति का सदस्य बताते हुए जमीन का पट्टा दिलाने का भरोसा दिया। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन और राशि जमा कराने की बात कही गई।

रितेश का आरोप है कि 20 जुलाई 2024 को उसने अपने पिता के मोबाइल से फोन-पे के माध्यम से लक्ष्मीनारायण खींची के मोबाइल नंबर पर 5 हजार रुपये ट्रांसफर किए। बाद में अलग-अलग किस्तों में कुल 20 हजार रुपये दिए गए। इसके बावजूद आज तक न तो पट्टा मिला और न ही कोई ठोस जानकारी दी गई।

शिकायतकर्ता ने शिकायत के साथ संलग्न किया ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि गोवर्धनलाल हाड़ा से फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने पैसे वापस करने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी राशि वापस नहीं की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि पैसे मांगने पर उसे लगातार परेशान किया जा रहा है और जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। उसने प्रशासन से आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई, सुरक्षा प्रदान करने तथा उसकी राशि वापस दिलाने की मांग की है।

करण सिंह परिहार ने दी सफाई
मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मजदूर कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष करण सिंह परिहार ने अपना पक्ष रखते हुए वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जानकारी मिली है।

परिहार ने कहा कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति से पट्टा दिलाने के नाम पर कोई राशि नहीं ली है। उनका कहना है कि यदि उनके द्वारा किसी प्रकार का लेनदेन किया गया हो तो उसका ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, वीडियो या अन्य कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया जाए, वे उसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना आधार के वीडियो बनाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर वे न्यायालय की शरण भी लेंगे।

पहले भी लग चुके हैं आरोप
करण सिंह परिहार पर इससे पहले भी पट्टा दिलाने के नाम पर लेनदेन के आरोप लग चुके हैं। कुछ समय पूर्व भी उनके खिलाफ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था तथा यशोधर्मन नगर थाने में आवेदन देकर शिकायत की गई थी। हालांकि, उन आरोपों का अंतिम परिणाम क्या रहा, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

Yogesh Porwal
Author: Yogesh Porwal

वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।

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