मंदसौर। मध्यप्रदेश की नारकोटिक्स विंग ने एक सनसनीखेज ऑपरेशन में अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। मंदसौर से मुंबई तक नशे का काला कारोबार फैलाने वाले तीन शातिर तस्कर, जिनमें 41 किलो अफीम के मामले में 4 महीने से फरार चल रहा कुख्यात अपराधी भी शामिल है, आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इस कार्रवाई में 1 किलो 110 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन), जिसकी बाजार कीमत 1 करोड़ 11 लाख रुपये है, एक लोडिंग पिकअप वाहन सहित जब्त की गई। यह मंदसौर नारकोटिक्स विंग की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।
मुखबिर की सूचना और पुलिस की घेराबंदी
प्रदेश में माफियाओं और तस्करों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक केपी राव के निर्देश पर नारकोटिक्स विंग ने कमर कस रखी थी। उप पुलिस महानिरीक्षक महेश चंद्र जैन के मार्गदर्शन में मंदसौर नारकोटिक्स की टीम को मुखबिर से पक्की खबर मिली कि तीन तस्कर मंदसौर से मुंबई तक भारी मात्रा में एमडी की तस्करी करने वाले हैं।
मुखबिर ने बताया कि आरोपी शम्सुद्दीन उर्फ अन्नू (32), यामीन खान (47), और समीर शेख (50) एक पिकअप वाहन (MP 14 ZF 7645) में लहसुन की आड़ में एमडी लेकर मुंबई जा रहे हैं। इस सूचना पर तुरंत एक्शन लेते हुए निरीक्षक भारत सिंह चावड़ा की अगुआई में नारकोटिक्स टीम ने मंदसौर-नीमच मिर्जापुरा फंटा पर घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध पिकअप नजर आई, पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली। तलाशी में लहसुन के बोरे हटाते ही पुलिस के हाथ वह खजाना लगा, जिसकी कीमत करोड़ों में थी—1 किलो 110 ग्राम एमडी!
तीनों है कुख्यात तस्कर
पकड़े गए तीनों तस्करों का आपराधिक इतिहास चौंकाने वाला है:
शम्सुद्दीन उर्फ अन्नू (मदारपुरा, मंदसौर): यह वही कुख्यात तस्कर है, जो राजस्थान में 41 किलो अफीम के मामले में पेरोल पर रिहा होने के बाद पिछले 4 महीने से फरार था। इस बार वह मुंबई में नशे का नया जाल बिछाने की फिराक में था।
यामीन खान (माहिम वेस्ट, मुंबई):
माहिम और आसपास के इलाकों में एमडी का बड़ा सप्लायर। पहले भी कई बार ड्रग तस्करी के मामलों में लिप्त रह चुका है।
समीर शेख (नयानगर, माहिम, मुंबई):
इस शातिर तस्कर का भी मुंबई और राजस्थान में ड्रग तस्करी का पुराना रिकॉर्ड है।
मंदसौर से मुंबई तक नशे का हाईवे
पुलिस पूछताछ में पता चला कि ये तस्कर मंदसौर से एमडी लेकर मुंबई के माहिम और आसपास के इलाकों में सप्लाई करते थे। लहसुन और अन्य सामान की आड़ में ये ड्रग्स को बड़े शातिराना तरीके से ट्रांसपोर्ट करते थे। मंदसौर, जो पहले अफीम तस्करी के लिए कुख्यात रहा है, अब एमडी जैसे सिंथेटिक ड्रग्स का हब बनता जा रहा है। इस गैंग ने मुंबई की गलियों में नशे का जाल फैलाने की पूरी तैयारी कर रखी थी, लेकिन नारकोटिक्स की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और जब्त किए गए 1.11 किलो एमडी के साथ प्रकरण दर्ज किया। पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है और इनका नेटवर्क कितना बड़ा है।
पुलिस की सख्ती, तस्करों की शामत
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश पुलिस की उस मुहिम का हिस्सा है, जो मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए चल रही है। मंदसौर नारकोटिक्स विंग की इस कामयाबी ने न सिर्फ तस्करों की कमर तोड़ी है, बल्कि युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने की साजिश को भी नाकाम कर दिया।
Author: Dashpur Disha
दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।









