वेबसाइट पर जानकारी अपलोड नहीं करने पर यूजीसी ने मप्र की 10 निजी यूनिवर्सिटियों को घोषित किया डिफॉल्टर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मन्दसौर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने मध्य प्रदेश की 10 निजी यूनिवर्सिटियों को डिफॉल्टर घोषित किया है। इन विश्वविद्यालयों ने यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 13 के तहत अनिवार्य पब्लिक सेल्फ डिस्क्लोजर की जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड नहीं की है। देशभर में कुल 54 निजी विश्वविद्यालय इस सूची में शामिल हैं, जिनमें मप्र की 10 यूनिवर्सिटियां भी हैं।

यूजीसी ने इन विश्वविद्यालयों को नोटिस जारी कर नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। नियमानुसार, विश्वविद्यालयों की वेबसाइट पर सर्च सुविधा के साथ पारदर्शी रूप से जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि छात्र और अभिभावक आसानी से विवरण प्राप्त कर सकें।

मप्र की डिफॉल्टर यूनिवर्सिटियां
1. अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, भोपाल
2. आर्यावर्त यूनिवर्सिटी, सीहोर
3. प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी, शिवपुरी
4. ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी, सागर
5. जेएनसीटी यूनिवर्सिटी, भोपाल
6. शुभम यूनिवर्सिटी, भोपाल
7. महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय, जबलपुर
8. एलएनसीटी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, इंदौर
9. महाकौशल यूनिवर्सिटी, जबलपुर
10. मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सीहोर

नोटिस के बाद भी नियमों का पालन नहीं
इन विश्वविद्यालयों ने यूजीसी के तय फॉर्मेट में प्रमाणित दस्तावेजों के साथ जानकारी अपलोड नहीं की। यूजीसी ने पहले भी इन्हें नोटिस जारी किए थे, लेकिन पालन नहीं हुआ। इस लापरवाही के कारण छात्रों और अभिभावकों को यह पता नहीं चल पाता कि विश्वविद्यालय नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

यूजीसी का स्पष्ट निर्देश
यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि सभी निजी विश्वविद्यालयों को पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी। वेबसाइट पर जानकारी अपलोड करने के साथ-साथ सर्च सुविधा भी अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वाली यूनिवर्सिटियों के खिलाफ आगे सख्त कार्रवाई हो सकती है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए यह जरूरी है कि वे विश्वविद्यालय की मान्यता और नियमों की जानकारी जांच लें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

पहले भी हुई डिफॉल्टर घोषित
यूजीसी समय समय पर निजी और शासकीय विश्वविद्यालयो को नियम कायदों से ताकीद करवाने और दस्तावेज पूर्ण करवाने के लिए दिशा निर्देश जारी करता रहता है। किन्तु समयावधि में पालन नहीं करने पर विश्वविद्यालयो के विरूद्ध डिफॉल्टर घोषित करने की कार्रवाई की जाती है। इससे पहले यूजीसी ने लोकपाल की नियुक्ति नहीं करने पर प्रदेश की शासकीय और अशासकीय यूनिवर्सिटियों को डिफॉल्टर घोषित किया था। जिसमें नीमच की ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी का नाम भी शामिल था।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

error: Content is protected !!