आनंदधाम कॉलोनी में हुए अतिक्रमण को लेकर एक सप्ताह में दूसरा ज्ञापन, किसानों ने शासकीय भूमि पर तो मुस्लिम समाज ने ईदगाह की भूमि पर अतिक्रमण का लगाया आरोप
गरोठ के कॉलोनाइजर आशीष डबकरा द्वारा शामगढ़ रोड़ पर विकसित की जा रही कॉलोनी आनंद धाम में सरकारी जमीन को लेकर दशपुर दिशा ने एक साल पहले ही खुलासा कर दिया था। आनंद धाम कॉलोनी में कॉलोनाइजर ने बाउंड्रीवाल बनाकर सरकारी जमीन को कब्जे में ले रखा था इतना ही नहीं कॉलोनी की पानी की टंकी भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बना रखी है। शिकायत के बाद राजस्व विभाग ने कॉलोनी की बाउंड्रीवाल तो हटवा दी, लेकिन सरकारी जमीन पर बनी अवैध पानी की टंकी आज भी जस की तस खड़ी है। कॉलोनी में हुए अतिक्रमण को लेकर एक सप्ताह में दो ज्ञापन प्रशासन को सौंपे जा चुके है।

✍️दशपुर दिशा । योगेश पोरवाल
मन्दसौर। कस्बा गरोठ शामगढ़ रोड पर विकसित हो रही आनंदधाम कॉलोनी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एक सप्ताह में दूसरी बार प्रशासन के पास पहुंचे ज्ञापन में कॉलोनाइजर पर अतिक्रमण के आरोप लगाए गए हैं। इस बार मुस्लिम समाज ने मोर्चा संभाला है, जबकि पहले पड़ोसी किसानों ने शासकीय भूमि पर कब्जे की शिकायत की थी। मुस्लिम समाज ने ईदगाह की भूमि और रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर नमाज अदा करेंगे और धरना देंगे।
मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया कि खाती पंचायत भवन के सामने स्थित ईदगाह की भूमि सर्वे क्रमांक 2108 (रकबा 0.020 हेक्टेयर) पर अतिक्रमण किया गया है। इसके अलावा सर्वे क्रमांक 2109 और 2110 में ईदगाह जाने का रास्ता स्थित है, जिसे कॉलोनाइजर द्वारा बंद कर आनंदधाम कॉलोनी विकसित की जा रही है। वर्तमान रिकॉर्ड में सर्वे नंबर 2108 की भूमि सुनीलकुमार पिता राधेश्याम, आशा पति कृष्णगोपाल, अनिता पति सत्यनारायण, इब्राहिम पिता वली मोहम्मद मंसूरी, सुनिता पति प्रकाशचंद एवं श्यामसुंदर पिता लक्ष्मीनारायण विजयवर्गीय के नाम दर्ज है। इन लोगों ने 2019 में यह भूमि खरीदी थी।
ज्ञापन में विक्रय पत्र के पेज नंबर सात के पैराग्राफ का हवाला दिया गया है, जिसमें उल्लेख है कि खाती नेहरे पर जाने वाले रास्ते से उत्तर दिशा में गेट के पास 15 फीट चौड़ा रास्ता है, जबकि गेट के बाद 20 फीट चौड़ा रास्ता है। यहां लोहे का फाटक भी लगा है, जो सर्वे नंबर 2108 की ईदगाह भूमि से होता हुआ आगे सर्वे 2110/1 तक जाता है। इसके अलावा, गरोठ शामगढ़ रोड से पश्चिम दिशा में सुनील मांदलिया और सत्यनारायण के मकानों के बीच से तीन फीट चौड़ा पैदल रास्ता मौजूद है, जो ईदगाह के पास 15 फीट चौड़े रास्ते से मिलता है। ज्ञापन में कहा गया कि यदि भविष्य में खातेदारों और क्रेताओं के बीच समझौता होता है और इस रास्ते को चौड़ा किया जाता है, तो मुस्लिम समाज के लोग इससे आने-जाने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।
हालांकि, कॉलोनाइजरों ने बाउंड्री वॉल बनाकर रास्ता बंद कर दिया है, जो विक्रय पत्र की शर्तों का उल्लंघन है। इसके अलावा, ईदगाह के उपयोग का कुआं भी बाउंड्री वॉल के अंदर ले लिया गया है। मुस्लिम समाज ने मांग की है कि कुएं को बाउंड्री वॉल से बाहर किया जाए। साथ ही, कॉलोनाइजर द्वारा अतिक्रमण कर बनाई गई पानी की टंकी को तोड़ा जाए, क्योंकि तहसीलदार गरोठ ने पहले ही इस टंकी को हटाने का आदेश जारी किया था, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। समाज ने चेतावनी दी कि रमजान के बाद ईद तक यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो वे सड़क पर नमाज पढ़ेंगे और धरना देंगे।
इससे पहले, पड़ोसी किसानों ने भी कॉलोनी के खिलाफ ज्ञापन सौंपा था। इसमें कस्बा गरोठ के वार्ड नंबर 03 में स्थित सर्वे नंबर 2121 की शासकीय पट्टे की भूमि (रकबा 0.1420 हेक्टेयर) पर अतिक्रमण का आरोप लगाया गया। यह भूमि लगभग 70-80 वर्ष पूर्व शासन द्वारा किसानों को गौचर भूमि के रूप में प्रदान की गई थी और यहां कुछ लोगों के पक्के मकान भी बने हुए हैं। किसानों का कहना है कि कॉलोनाइजर ने कॉलोनी की पानी की टंकी इस शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बनाई थी। नगर परिषद ने टंकी तोड़ने का आदेश दिया था और कार्य शुरू भी हुआ, लेकिन बाद में रुक गया।
अब जानकारी है कि नगर परिषद इस सर्वे नंबर 2121 पर उद्यान बनाने की योजना बना रही है, जिससे कॉलोनाइजर को प्रत्यक्ष लाभ होगा और वर्षों से रह रहे किसानों के मकानों को हटाने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जबकि कॉलोनी के अंदर पहले से ही एक गार्डन मौजूद है, इसलिए नए उद्यान की आवश्यकता नहीं है। भूमि की सीमाएं इस प्रकार हैं: पूर्व में श्यामलाल पिता भेरुलाल का मकान, पश्चिम में खाती पंचायत भवन, उत्तर में ईदगाह और दक्षिण में आम रास्ता।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वे नंबर 2121 पर प्रस्तावित उद्यान निर्माण की स्वीकृति न दी जाए, शासकीय भूमि पर बनी अवैध पानी की टंकी हटाई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









