फिर लगा प्राचार्य डॉ.दुबे पर राजनीति करने का आरोप: राजीव गांधी क्रीड़ा परिसर के बोर्ड से नाम हटाने पर विवाद, शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने की कार्रवाई की मांग

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मंदसौर। मंदसौर के राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के क्रीड़ा परिसर के मुख्य द्वार पर लगे बोर्ड से पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी का नाम हटाए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्रसिंह तोमर ने इस कदम को कॉलेज प्राचार्य जे.एस. दुबे की “संकीर्ण मानसिकता” का परिचय बताया है। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है, साथ ही प्राचार्य को पार्टी के एजेंट की तरह नहीं शासकीय सेवक की तरह कार्य करने की चेतावनी दी है।

नाम हटाने की पृष्ठभूमि
डॉ. तोमर ने बताया कि वर्ष 1994-95 में तत्कालीन जिला योजना समिति के प्रस्ताव पर राज्य सरकार ने महाविद्यालय के क्रीड़ा परिसर का नाम “राजीव गांधी क्रीड़ा परिसर” रखा था। तब से यह परिसर इसी नाम से जाना जाता रहा है। शासकीय और गैर-शासकीय आयोजनों, जैसे 26 जनवरी और 15 अगस्त के कार्यक्रमों के आमंत्रण पत्रों में भी यही नाम प्रयोग किया जाता रहा है। लेकिन प्राचार्य जे.एस. दुबे ने इस परिसर के मुख्य द्वार पर लगे बोर्ड से राजीव गांधी का नाम हटा दिया, जिसे कांग्रेस ने संकीर्ण और राजनीति से प्रेरित कदम करार दिया है।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष की कार्रवाई और पत्र
डॉ. तोमर ने बताया कि इस मामले की जानकारी मिलते ही 1 जुलाई 2025 को उन्होंने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन 27 जुलाई 2025 तक क्रीड़ा परिसर पर राजीव गांधी का नाम पुनः अंकित नहीं किया गया। इसके बाद, उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और जिला कलेक्टर को दोबारा पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, नियमों के उल्लंघन के लिए प्राचार्य पर कार्रवाई की भी मांग की गई है।

प्राचार्य पर गंभीर आरोप
शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने प्राचार्य जे.एस. दुबे पर एक विशेष राजनीतिक दल के एजेंट की तरह कार्य करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्राचार्य ने शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को “राजनीति का अखाड़ा” बना दिया है। इसके अलावा, क्षेत्रीय विधायक विपिन जैन को कॉलेज के आयोजनों में आमंत्रित न करके प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया गया है। डॉ. तोमर ने इसे मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के खिलाफ बताया।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष की चेतावनी
डॉ. तोमर ने प्राचार्य दुबे को चेतावनी दी कि वे किसी एक पार्टी के हित में कार्य करने के बजाय एक शासकीय सेवक की तरह निष्पक्षता से काम करें। उन्होंने कहा कि यदि प्राचार्य का यह रवैया जारी रहा, तो कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलनात्मक कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगे।

राजीव गांधी क्रीड़ा परिसर के बोर्ड से नाम हटाए जाने का यह मामला मंदसौर में राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। शहर कांग्रेस कमेटी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। यह देखना बाकी है कि इस मामले में प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

Yogesh Porwal
Author: Yogesh Porwal

वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।

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