आईएनसी के मानकों का उल्लंघन कर एक ही परिसर में संचालित हो रहा श्रीजी और पशुपति नर्सिंग कॉलेज

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एक ही परिसर में चलने वाले कॉलेजों पर लगाई 5 लाख पेनाल्टी,कॉलेज संचालकों को हलफनामा देना होगा 10 किलोमीटर दूर कॉलेज शिफ्ट कर लिया

✍️दशपुर दिशा । योगेश पोरवाल

मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े को लेकर सीबीआई जांच तक हो चुकी है। सीबीआई जांच में भी कुछ फर्जी किस्म के कॉलेज संचालकों ने सेटिंग से कॉलेज को सूटेबल करवा लिया। पूरे देश को पता है सीबीआई जांच में शामिल अधिकारी और नर्सिंग कॉलेजों के दलालों को खुद सीबीआई ने ही पकड़ा था। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या सीबीआई जांच बाद भी नर्सिंग कॉलेज नियमों का पालन कर रहे है?

मन्दसौर। प्रदेश के कुछ नर्सिंग कॉलेज किस कदर फर्जीवाड़ों को अंजाम दे रहे थे इसकी पोल सीबीआई जांच में खुल चुकी है। लेकिन सीबीआई जांच के बाद भी कुछ नर्सिंग कॉलेज नियमों का पालन नहीं कर रहे है।
हम बात कर रहे है मंदसौर के श्रीजी नर्सिंग कॉलेज और पशुपति नर्सिंग कॉलेज गुराड़िया देदा की ये दोनों कॉलेज एक ही ग्रुप द्वारा संचालित किए जा रहे है। वर्षों से श्रीजी और पशुपति नर्सिंग कॉलेज एक ही परिसर में संचालित हो रहे है।

भारतीय उपचार्य परिषद, नई दिल्ली (इंडियन नर्सिंग कौंसिल) ने एक पत्र क्रमांक – एफ.सं.1-6/एलटी/2025-आईएनसी (96615) दिनांक 3 जनवरी 2026 को अधिसूचना संख्या 1 सन् 2026 जारी की। जिसमें एक ही परिसर में कार्यरत नर्सिंग संस्थानों के लिए दंड – अधिसूचना संख्या 7 सन् 2024 में संशोधन है।

अधिसूचना में बताया कि पिछली अधिसूचना संख्या 7 सन् 2024 दिनांक 6 मार्च 2024 की निरंतरता में, जिसमें भारतीय नर्सिंग परिषद ने एक ही परिसर में कार्यरत संस्थानों पर प्रति संस्थान पांच लाख रुपये का दंड लगाया है।
इसके अलावा, कार्यकारी समिति ने अपनी बैठक दिनांक 08.11.2025 में यह भी संकल्प लिया है कि:
“नर्सिंग संस्थान जो एक ही परिसर में कार्यरत हैं, उन्हें दो वर्षों के भीतर परिसर से 10 किमी दूर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए और इस संबंध में एक हलफनामा संबंधित संस्थानों द्वारा परिषद को 5 लाख रुपये प्रति संस्थान के दंड के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए।” यह अधिसूचना इंडियन नर्सिंग कौंसिल के सचिव कर्नल डॉ. सरवजीत कौर की मंजूरी से जारी किया गया।

इंडियन नर्सिंग कौंसिल द्वारा जारी अधिसूचना

अधिसूचना के हिसाब से दोनों संस्थाओं को देना होगा 5-5 लाख का जुर्माना
अधिसूचना के मुताबिक एक ही परिसर में संचालित दो नर्सिंग कॉलेजों पर इंडियन नर्सिंग कौंसिल ने 5-5 लाख का जुर्माना लगाया है साथ ही कॉलेज संचालक को हलफनामा भी देना होगा कि 2 वर्ष की अवधि में कॉलेज 10 किलोमीटर दूर शिफ्ट कर लिया जाएगा। मन्दसौर जिले में श्रीजी नर्सिंग कॉलेज और पशुपति नर्सिंग कॉलेज गुराड़िया देदा स्थित एक ही परिसर में संचालित हो रहे है।

अन्य कोर्स भी जांच का विषय
श्रीजी कॉलेज के पास न केवल नर्सिंग कोर्स बल्कि, पैरामेडिकल, बीएड, मैनेजमेंट और फार्मेसी कोर्स की अनुमतियां भी है। ऐसे में सवाल ये है कि श्रीजी नर्सिंग और पशुपति नर्सिंग कॉलेज के अलावा बाकी कोर्स के लिए किस परिसर का उपयोग संचालक द्वारा किया जा रहा है। ये शासन के लिए जांच का विषय है।

समिति और बिल्डिंग अलग-अलग है
श्रीजी और पशुपति नर्सिंग कॉलेज की समितियां अलग – अलग है। जमीन अलग-अलग है और बिल्डिंग भी अलग-अलग है। – दीपक सैनी, श्रीजी नर्सिंग कॉलेज, मन्दसौर

Yogesh Porwal
Author: Yogesh Porwal

वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।

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