नीमच। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) पर वसूली के उद्देश्य से निर्दोष अफीम काश्तकारों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत झूठे मामलों में फंसाने का सनसनीखेज आरोप लगा है। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय किसानों ने विधायक दिलीप सिंह परिहार के नेतृत्व में नीमच के नारकोटिक्स कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों किसानों ने नारकोटिक्स ब्यूरो के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी पीड़ा को सामने रखा। किसानों का कहना है कि नारकोटिक्स विभाग द्वारा बिना ठोस सबूतों के उन्हें अवैध अफीम तस्करी के मामलों में फंसाया जा रहा है, जिससे उनकी जिंदगी और आजीविका खतरे में पड़ गई है। विधायक परिहार ने किसानों का समर्थन करते हुए नारकोटिक्स कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने की मांग की गई।
किसानों का आरोप है कि नारकोटिक्स ब्यूरो के कुछ अधिकारी वसूली के लिए निर्दोष लोगों को निशाना बना रहे हैं। कई किसानों ने दावा किया कि उनके खेतों में वैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है, जिसके लिए उनके पास सरकार से लाइसेंस भी है। इसके बावजूद, अधिकारियों द्वारा जबरन उनके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंच रही है।
विधायक दिलीप सिंह परिहार ने प्रदर्शन के दौरान कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि हमारे मेहनती किसानों को बिना किसी गलती के जेल की सलाखों के पीछे धकेला जा रहा है। नारकोटिक्स ब्यूरो को अपनी शक्तियों का दुरुपयोग बंद करना होगा। हम सरकार से मांग करते हैं कि इस मामले की गहन जांच हो और दोषी अधिकारियों को सजा दी जाए।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर किसानों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
X पर इस घटना से संबंधित पोस्ट्स में भी किसानों के प्रदर्शन और उनके आरोपों की चर्चा हो रही है। एक पोस्ट में कहा गया कि नीमच में अफीम काश्तकारों ने नारकोटिक्स कार्यालय के खिलाफ प्रदर्शन किया और झूठे केस हटाने की मांग की। हालांकि, ये पोस्ट्स इस बात की पुष्टि नहीं करतीं कि आरोप पूरी तरह सही हैं, लेकिन ये किसानों के गुस्से और उनके आंदोलन की तीव्रता को दर्शाती हैं।
अभी तक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, विभाग इन आरोपों की जांच कर सकता है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेंगे। विधायक परिहार ने भी कहा कि वे इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे और केंद्र सरकार तक ले जाएंगे। इस मामले ने नारकोटिक्स ब्यूरो की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस विवाद का समाधान कैसे होता है।
Author: Dashpur Disha
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