रतलाम में एक घंटे की आंधी-बारिश ने खोली आपदा प्रबंधन की पोल, प्रशासनिक अधिकारी नदारद, शहर भगवान भरोसे

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दशपुर दिशा । दीपक सोनी
रतलाम। बीती शाम करीब एक घंटे तक चली तेज आंधी और बारिश ने रतलाम में आपदा प्रबंधन की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा ने शहर को अंधेरे में डुबो दिया, सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन ठप हो गया, और जिला अस्पताल तक बिजली के अभाव में अंधेरे में डूबा रहा। इस विकट स्थिति में प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि नदारद रहे, जबकि कुछ समाजसेवी और बिजली विभाग के कर्मचारी रातभर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे रहे।

आंधी-बारिश का कहर:
शाम करीब 5 बजे शुरू हुई तेज आंधी और बारिश के कारण कई पेड़ जड़ से उखड़ गए, बिजली के तार टूटे, और कई जगह विद्युत पोल जमीन पर गिर गए। नतीजतन, पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, और रातभर अंधेरा छाया रहा। सड़कों पर गिरे पेड़ों ने आवागमन को अवरुद्ध कर दिया।

जिला अस्पताल में संकट:
सबसे चिंताजनक स्थिति जिला अस्पताल में देखने को मिली, जहां शाम से आधी रात तक बिजली गुल रही। गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) जैसे संवेदनशील विभाग में भी बिजली न होने से गंभीर मरीजों की जान खतरे में पड़ गई। सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में 10 जनरेटर मौजूद हैं, लेकिन इनका उपयोग नहीं किया गया। इसके बजाय, आईसीयू के मरीजों को आधी रात को मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित करना पड़ा। सवाल उठता है कि जब जनरेटर उपलब्ध थे, तो उन्हें तत्काल चालू क्यों नहीं किया गया?

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति:
इस आपदा के दौरान जिला प्रशासन, नगर निगम, और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कहीं नजर नहीं आए। पुलिस कंट्रोल रूम के लैंडलाइन नंबर भी बंद रहे, जिससे नागरिकों को सहायता के लिए संपर्क करने में दिक्कत हुई। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के पूर्व में दिए गए लैंडलाइन चालू करने के निर्देश भी बेअसर साबित हुए। जनप्रतिनिधि भी इस संकट में निष्क्रिय रहे और सड़कों पर स्थिति का जायजा लेने नहीं निकले।

बिजली विभाग और समाजसेवियों का प्रयास:
आंधी थमने के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत लाइनों को ठीक करने का काम शुरू किया। कुछ इलाकों में आधी रात तक बिजली बहाल कर दी गई। समाजसेवी गोविंद काकानी ने बिजली विभाग और नगर निगम के साथ मिलकर जिला अस्पताल की बिजली आपूर्ति बहाल करवाने और सड़कों पर गिरे पेड़ हटवाकर आवागमन सुचारु करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बिजली संकट जारी:
शनिवार दोपहर तक राजस्व कॉलोनी, शास्त्री नगर, छत्री पुल, जिला जेल, और डीआरपी लाइन जैसे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। बिजली विभाग के कर्मचारी कार्य में जुटे हैं, लेकिन विभाग के टेलीफोन बंद होने से नागरिकों को बिजली बहाली की जानकारी नहीं मिल पा रही है।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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