आरोप है कि कॉलोनी बद्रीविशाल मंदिर की जमीन पर बनाई गई है, जिसकी लोकायुक्त तक शिक़ायत भी हुई है।
नीमच। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के बड़े भाई नारायण यादव (नारायण दादा) के नाम और फोटो का दुरुपयोग करने के मामले में मनासा में विरोध के बाद विवाद खड़ा हो गया। कॉलोनाइजर कोमल बाफना पर आरोप है कि उन्होंने खाटू श्याम (खाटू नगर) कॉलोनी के प्रचार में नारायण यादव का फोटो बिना अनुमति लगाया और कार्यक्रम में उनके बेटे अभय यादव के आने का दावा किया, जबकि मंच पर एक अन्य व्यक्ति को “अभय यादव” बताकर पेश किया गया।

क्या है पूरा मामला
मनासा के भाटखेड़ी बाईपास पर विकसित की जा रही खाटू नगर (खाटू श्याम कॉलोनी) में खाटू श्यामजी का मंदिर बनाया गया है। यहां शनिवार रात भजन गायक गोकुल शर्मा की भजन संध्या और रविवार को भंडारा आयोजित किया गया। इन कार्यक्रमों के प्रचार के लिए शहर भर में लगाए गए पोस्टर-बैनर में मुख्यमंत्री के बड़े भाई नारायण यादव का फोटो शामिल था।
आरोप है कि बैनरों में यह भी दावा किया गया कि नारायण यादव के बेटे अभय यादव कार्यक्रम में शामिल होंगे। लेकिन सूत्रों के अनुसार मंच पर जिस व्यक्ति को “अभय यादव” के रूप में पेश किया गया, वह नारायण यादव का बेटा नहीं था। दावा किया जा रहा है कि वह कोई अन्य व्यक्ति था। जिसे जानबूझकर नारायण दादा के बेटे के रूप में प्रस्तुत किया गया ताकि लोगों को यह भ्रम हो कि कॉलोनी में सीएम परिवार का समर्थन है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी जिस जमीन पर बनाई जा रही है, वह श्री बद्री विशाल मंदिर ट्रस्ट की बताई जा रही है। आरोप है कि पुजारी द्वारा फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेची गई। इस मामले में लोकायुक्त में शिकायत दर्ज है और प्रशासनिक जांच चल रही है। कोमल बाफना मंदसौर और उनके सहयोगी हरिश विजयवर्गीय पर अवैध कॉलोनी विकसित करने का भी आरोप लग रहा है। इस मामले में मनासा के कांग्रेस नेता मनीष पोरवाल मालाहेड़ा ने भी सोशल मीडिया पर आपत्ति दर्ज करवाई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पोस्टर-बैनर पर फोटो और अतिथियों की सहमति को लेकर आपत्ति उठने के बाद मनासा पुलिस ने कोमल बाफना को थाने बुलाया। थाना प्रभारी शिव रघुवंशी ने स्थानीय मीडिया बताया कि अतिथियों की सहमति की पुष्टि के लिए पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार बाफना को फटकार लगाई गई और उन्हें माफी मांगनी पड़ी। पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया। इस सम्बन्ध में स्थानीय मीडियाकर्मियों ने जब कोमल बाफना से बात की तो उन्होंने पूछताछ के लिए थाने बुलाए जाने की बात स्वीकारी किन्तु बिना अनुमति के फोटो लगाने से इनकार कर दिया।
इस कॉलोनी को लेकर सबसे पहले जनता और प्रशासन को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट करने वाले मनासा के कांग्रेस नेता मनीष पोरवाल मालाहेड़ा से बात की उन्होंने बताया कि कॉलोनी बद्रीविशाल मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर बनाई गई है, इसमें भाजपा नेताओं की सांठगांठ है। कुछ लोगों ने इसमें आपत्तियां ली थी लेकिन बाद में वापस ले ली। पोस्टर के मामले में उन्होंने बताया कि जिसका फोटो था उन तक जानकारी पहुंचने के बाद थाने पर कॉलोनाइजर को तलब किया और नगर से सारे पोस्टर हटा दिए गए।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









