जिले में मेडिकल स्टोर्स पर अनैतिक छूट का खेल, मध्यप्रदेश फार्मेसी काउंसिल के आदेश की उड़ रही धज्जियां

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मंदसौर। जिले में दवाइयों के कारोबार में अनैतिक प्रतिस्पर्धा चरम पर पहुंच गई है। कई मेडिकल स्टोर संचालक मरीजों को लुभाने के लिए 30 से 50 प्रतिशत तक की भारी छूट दे रहे हैं, जिससे न केवल मरीजों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है, बल्कि छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों की आजीविका भी संकट में पड़ गई है। मध्यप्रदेश फार्मासिस्ट एसोसिएशन (MPPA) के जिलाध्यक्ष मिथुन वप्ता ने इस मामले में जिला औषधि निरीक्षक को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

ब्रांडेड दवाइयां बदलकर दी जा रही निम्नस्तरीय दवाएं
मिथुन वप्ता ने बताया कि कुछ मेडिकल स्टोर संचालक डॉक्टरों द्वारा लिखी गई ब्रांडेड दवाइयों को बदलकर ज्यादा मार्जिन वाली दवाएं दे रहे हैं, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रही हैं। मेडिकल स्टोर्स के बाहर बड़े-बड़े बोर्ड और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए दवाइयों को ‘सस्ता’ बताकर बेचा जा रहा है। वप्ता ने सवाल उठाया कि जब ब्रांडेड दवाइयों पर कंपनियों का मार्जिन अधिकतम 20 प्रतिशत होता है, तो 30-50 प्रतिशत की छूट कैसे दी जा रही है? इससे यह आशंका गहरा रही है कि मरीजों को निम्नस्तरीय या मानकहीन दवाइयां दी जा रही हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकती हैं।

छोटे मेडिकल स्टोर संचालक बाजार से बाहर होने की कगार पर
ज्ञापन में बताया गया कि बड़े मेडिकल स्टोर अपनी आर्थिक ताकत के दम पर भारी छूट का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, जिससे छोटे मेडिकल स्टोर संचालक बाजार से बाहर होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। MPPA ने इसे प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 की धारा 4 का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि यह न केवल जनहित के विपरीत है, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।

फार्मेसी काउंसिल के आदेश की अवहेलना
मिथुन वप्ता ने बताया कि मध्यप्रदेश फार्मेसी काउंसिल ने 25 जुलाई को स्पष्ट आदेश जारी कर इस तरह की अनैतिक छूट पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, जिले में कई मेडिकल स्टोर खुलेआम इन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। MPPA ने जिला औषधि निरीक्षक से मांग की है कि ऐसे मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन सौंपने में ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान MPPA के नरेंद्र त्रिवेदी, चंद्रशेखर शर्मा, पंकज चौधरी, लोकेश जैन, दिलीप प्रजापत, विकास व्यास, विष्णु प्रजापत और महेश कुमार उपस्थित थे। यह जानकारी MPPA के जिला मीडिया प्रभारी सतीश बैरागी ने दी।

मंदसौर में दवाइयों के कारोबार में अनैतिक छूट का यह खेल न केवल मरीजों की सेहत के लिए खतरा बन रहा है, बल्कि छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों की आजीविका पर भी संकट खड़ा कर रहा है। MPPA ने प्रशासन से इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो और मरीजों के स्वास्थ्य की रक्षा हो सके।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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