दशपुर दिशा । योगेश पोरवाल
शामगढ़। जिले के शामगढ़ नगर में भू-माफिया तत्वों द्वारा कृषि भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के अवैध कॉलोनी विकसित करने का वाला मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर कलेक्टर को आवेदन सौंपा गया है, जिसमें कॉलोनाइजर संजय भूटानी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस घोटाले में राजस्व विभाग के अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका भी उजागर हुई है, जिससे शासन को लाखों रुपये की राजस्व हानि हो रही है।
शिकायत के अनुसार, शामगढ़ नगर में आशीर्वाद रिसोर्ट के ठीक पीछे स्थित सर्वे क्रमांक 320 की कृषि भूमि पर संजय पुत्र नवनीत राय भूटानी ने बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की लेआउट स्वीकृति और नगर परिषद के पंजीकरण के 16 प्लॉट काटकर बेच दिए। यह भूमि 3 जनवरी 2021 को कृषि से आवासीय उपयोग के लिए डायवर्ट की गई थी, लेकिन पांच साल बीतने के बावजूद कॉलोनाइजर ने कोई वैध प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसके बजाय, अवैध रूप से सीसी रोड का निर्माण कर प्लॉटों की बिक्री की जा रही है।

नियमों का खुला उल्लंघन और राजस्व विभाग की लापरवाही
नियमों के मुताबिक, भूमि डायवर्शन के बाद तत्काल टीएंडसीपी से लेआउट स्वीकृति और नगर परिषद में पंजीकरण अनिवार्य है। लेकिन भूटानी ने इनकी अनदेखी कर विकास शुल्क, पार्क, गार्डन, पेयजल टंकी, सीवरेज और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी नजरअंदाज किया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बिना किसी अनुमति के तहसील कार्यालय में इन 16 प्लॉटों की रजिस्ट्री कर दी गई। तत्कालीन पटवारी चंद्रप्रकाश धनोतिया, कृष्णकांत मालवीय और वर्तमान पटवारी मुकेश सालवी के कार्यकाल में सभी प्लॉटों का नामांतरण भी बिना आपत्ति के हो गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह सब राजस्व एवं पंजीयन विभाग की मिलीभगत से संभव हुआ। “यह न केवल शासन की नीतियों का उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों को ठगने का प्रयास भी है,” शिकायत में कहा गया है। इसके अलावा, भूटानी की योजना है कि इस अवैध कॉलोनी को अपनी पहले से स्वीकृत ‘श्री गोकुल धाम कॉलोनी’ से जोड़कर और विस्तार किया जाए, जो एक बड़ा घोटाला साबित हो सकता है।
खरीददार अवैध कॉलोनी के दुष्परिणामों से अनजान
भगवान ने नाम पर लोगो को गुमराह करने के लिए काटी गई अवैध कॉलोनी खाटूश्याम कॉलोनी में अब तक करीब 16 भूखंडों की खरीदी बिक्री हो चुकी है। रजिस्ट्री और नामांतरण भी हो चुके है। खरीदार अब तक अवैध प्लॉट खरीदने के जोखिमों से अनजान हैं, जिससे उनकी मेहनत की कमाई पर पानी फिर सकता है।
तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
शिकायत में कलेक्टर से प्रमुख मांगें की गई हैं:
1.सर्वे क्रमांक 320 की तत्काल स्थलीय जांच।
2.करीब 16 प्लॉटों की सभी रजिस्ट्री और नामांतरण फाइलें तलब कर पटवारियों, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच।
3.अवैध निर्माण (सीसी रोड आदि) पर रोक, ध्वस्तीकरण और राजस्व हानि की वसूली।
4.कॉलोनाइजर संजय भूटानी के खिलाफ जुर्माना, नए कॉलोनी विकास नियम के अनुसार कॉलोनाइजर पर एफआईआर और ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









