रतलाम। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रतलाम के सेजावता गांव में महू-नीमच रोड पर एक अवैध ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में 13.76 किलो अल्प्राजोलम पाउडर जब्त किया गया, जिसकी काला बाजार में कीमत लगभग 3.44 करोड़ रुपये आंकी गई है। अल्प्राजोलम एक नशीली दवा है, जिसका उपयोग नशे के लिए किया जाता है और यह NDPS एक्ट के तहत नियंत्रित है। इसके साथ ही ड्रग बनाने के उपकरण और रसायन भी बरामद किए गए।
बीटेक और फार्मा ग्रेजुएट व्यक्ति चला रहे थे फैक्ट्री
एनसीबी ने इस ऑपरेशन में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में रूप सिंह चौहान 51 वर्ष, बीटेक ग्रेजुएट और अभिजीत सिंह चौहान 39 वर्ष, बी फार्मा ग्रेजुएट शामिल हैं। रूप सिंह पहले तेलंगाना में एक ड्रग मामले में पकड़ा जा चुका है और वर्तमान में जमानत पर था। अभिजीत सिंह रतलाम में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी से जुड़ा रहा है और रूप सिंह के साथ फार्मा व आयुर्वेदिक दवाओं के कारोबार में साझेदारी करता था। शिक्षित पृष्ठभूमि के इन व्यक्तियों का नशे के कारोबार में शामिल होना कई सवाल उठाता है।

नशे का काला कारोबार
एनसीबी के अनुसार, अल्प्राजोलम का उपयोग तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में टॉडी (देसी शराब) में मिलाकर और मध्य प्रदेश, राजस्थान व आसपास के क्षेत्रों में हेरोइन के साथ मिलाकर बेचा जाता है, जिससे नशे के सौदागरों को भारी मुनाफा होता है। यह ड्रग नशे की लत को और खतरनाक बनाता है।
एनसीबी अब इस अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंसी सप्लाई चेन, वित्तीय लेन-देन और अंतरराज्यीय कनेक्शनों का पता लगाने में जुटी है। यह कार्रवाई नशे के इस खतरनाक खेल को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Author: Dashpur Disha
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