दलौदा सरपंच दुर्गा कैथवास की शिकायत पर नितिन जैन के खिलाफ SC-ST एक्ट में दर्ज है मामला, एफआईआर निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन
मंदसौर। दलौदा में सरपंच दुर्गा कैथवास और विधायक विपिन जैन के परिवार के बीच शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव का रूप लेता नजर आ रहा है। विधायक विपिन जैन के भाई नितिन जैन के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज होने के विरोध में बुधवार शाम विधायक की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने दलौदा थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एफआईआर निरस्त करने की मांग की। इस दौरान विधायक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की जा रही है।

टीआई की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बुधवार शाम करीब 5 बजे शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान विधायक विपिन जैन ने थाना प्रभारी को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि फिलहाल भाजपा के लोग टीआई को बचा रहे हैं। विधायक ने पुलिस पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि ईश्वर सब देख रहा है। प्रदर्शन के दौरान सरपंच दुर्गा कैथवास के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांग नितिन जैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की रही।
सरपंच की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
मामले के अनुसार, सरपंच दुर्गा कैथवास ने शिकायत में आरोप लगाया था कि ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद घर लौटते समय नितिन जैन और उनके साथियों ने उन्हें तथा उनके पति अनिल कैथवास को जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने नितिन जैन और अन्य के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना बाकी है।
रिश्वत के आरोप में ईओडब्ल्यू ने की थी कार्रवाई
विवाद की पृष्ठभूमि में 28 सितंबर को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, उज्जैन की कार्रवाई भी शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सीतामऊ तहसील के मुवाला निवासी विक्रम सिंह ने शिकायत की थी कि उनके पिता तखत सिंह ने दलौदा पंचायत क्षेत्र में एक भूखंड खरीदा था। नामांतरण के बाद निर्माण अनुमति से संबंधित पंचायत प्रमाण पत्र बैंक से ऋण लेने के लिए आवश्यक था। आरोप था कि यह प्रमाण पत्र जारी करने के बदले पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
शिकायत के सत्यापन के दौरान कथित तौर पर चार हजार रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें से 500 रुपये पहले दिए जा चुके थे। शेष 3,500 रुपये लेते समय ईओडब्ल्यू की टीम ने सरपंच दुर्गा कैथवास और उनके पति अनिल कैथवास के खिलाफ कार्रवाई की थी।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के दौरान नितिन जैन द्वारा सरपंच को ‘चोर’ कहते हुए नारेबाजी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद सरपंच ने नितिन जैन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
अब एफआईआर के विरोध में विधायक विपिन जैन की अगुवाई में कांग्रेस ने थाने का घेराव कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। एक ओर सरपंच की शिकायत पर दर्ज प्रकरण है, तो दूसरी ओर कांग्रेस एफआईआर को निरस्त करने की मांग कर रही है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है। मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और दोनों पक्षों के आरोपों की जांच पर नजर बनी हुई है।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।








