दलौदा थाना प्रभारी पर महिला ने लगाए गंभीर आरोप : छेड़छाड़ की रिपोर्ट लिखाई तो पति को MD केस में फंसा दूंगा!

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न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंची महिला का आरोप—थाना प्रभारी ने दी धमकी; कार्रवाई नहीं होने पर मंदसौर के गांधी चौराहे पर धरने पर बैठी पीड़िता

मंदसौर। मध्यप्रदेश सरकार एक ओर महिला सुरक्षा और अपराधों पर अंकुश लगाने के दावे कर रही है, वहीं मंदसौर जिले के दलौदा थाने से जुड़ा एक मामला पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाने पहुंची एक महिला ने थाना प्रभारी रवींद्र सिंह डांगी पर उसे धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि थाना प्रभारी ने उससे कहा कि यदि उसने छेड़छाड़ के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई तो उसके पति को एमडी ड्रग्स के मामले में जेल में डाल दिया जाएगा।

महिला ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के नाम आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने से निराश महिला आज मंदसौर के गांधी चौराहे पर धरने पर बैठ गई। अब इस मामले में पुलिस प्रशासन की भूमिका और महिला की शिकायत पर होने वाली कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

स्टेशन रोड पर रास्ता रोककर बदसलूकी का आरोप
महिला ने एसपी को दिए आवेदन में बताया कि 24 सितंबर की शाम वह स्टेशन रोड से अपने मायके जा रही थी। इसी दौरान गोलू केथवास, अब्बु केथवास और विकास लक्षकार बाइक से वहां पहुंचे।
महिला के आरोप के अनुसार, गोलू केथवास ने उसका रास्ता रोककर हाथ पकड़ लिया और बुरी नीयत से उसे कार्यालय की ओर धकेलने का प्रयास किया। महिला का आरोप है कि इस दौरान अब्बु और विकास ने भी उसे कार्यालय की तरफ धक्का दिया। उसने शोर मचाकर अपना हाथ छुड़ाया।

पति को जान से मारने की धमकी का आरोप
महिला ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपियों के साथ मौजूद अब्बु और विकास ने उसे धमकाया कि यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो उसके पति को जान से मार दिया जाएगा।
महिला का कहना है कि धमकी के कारण वह भयभीत हो गई और तत्काल किसी को घटना के बारे में बताने की हिम्मत नहीं जुटा सकी।

महिला थाने से दलौदा थाने पहुंची
आवेदन के मुताबिक, महिला ने 4 अक्टूबर को हिम्मत जुटाकर मंदसौर महिला थाने पहुंचकर अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। महिला का आरोप है कि वहां से उसे संबंधित क्षेत्र के दलौदा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा गया।
इसके बाद महिला अगले दिन दलौदा थाने पहुंची, जहां उसने अपनी शिकायत रखी। लेकिन महिला के आरोपों के अनुसार, यहां उसे न्याय मिलने के बजाय ऐसी धमकी का सामना करना पड़ा, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।

TI पर गंभीर आरोप—’रिपोर्ट लिखवाई तो पति को MD केस में अंदर कर दूंगा’
महिला ने दलौदा थाना प्रभारी रवींद्र सिंह डांगी पर आरोप लगाया कि उन्होंने गोलू केथवास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने पर उसके पति को एमडी ड्रग्स के मामले में जेल में डालने की धमकी दी।
महिला का दावा है कि थाना प्रभारी की धमकी के बाद उसने पुलिस अधीक्षक के नाम आवेदन देकर मामले में कार्रवाई की मांग की। इसके बावजूद कार्रवाई की मांग को लेकर उसे गांधी चौराहे पर धरने पर बैठना पड़ा।
हालांकि, थाना प्रभारी पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना और इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

महिला सुरक्षा के दावों के बीच पुलिस की जवाबदेही पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या महिला की शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की गई? क्या मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी? और यदि थाना प्रभारी पर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो क्या उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी?

दूसरी ओर, क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की वारदातों को लेकर भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन के सामने महिला की शिकायत की निष्पक्ष जांच कराने और जनता का विश्वास बनाए रखने की चुनौती है।

फिलहाल, महिला ने न्याय की मांग को लेकर धरना दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और महिला के आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

Yogesh Porwal
Author: Yogesh Porwal

वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।

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