गरोठ में बैंक ऑफ इंडिया के ATM की वारदात का खुलासा, 6 लाख रुपए बरामद; कार, गैस कटर, सिलेंडर और ATM के पार्ट्स जब्त
गरोठ। भानपुरा रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया के ATM को गैस कटर से काटकर नकदी चोरी करने के मामले में गरोठ पुलिस ने अंतरराज्यीय ATM कटिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और निशानदेही से करीब 6 लाख रुपए की चोरी की राशि बरामद की है। आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार, ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस कटर, ATM की कैश ट्रे, रिजेक्शन बॉक्स और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मानपाल सिंह उम्र 30 वर्ष, निवासी कासगंज, उत्तरप्रदेश, शहजाद उर्फ चिंकु उम्र 24 वर्ष निवासी नुहू-मेवात, हरियाणा और समीर खान उम्र 23 वर्ष निवासी कोटा, राजस्थान के रूप में हुई है। गिरोह का एक अन्य आरोपी शिवकुमार लोधी निवासी कासगंज फरार है।
एक हजार से अधिक CCTV फुटेज खंगाले
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मंदसौर विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में साइबर सेल और डॉग स्क्वायड को मौके पर भेजा गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ राम सनेही मिश्रा एवं एसडीओपी गरोठ विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गरोठ उनि बलवीर सिंह यादव के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के करीब एक हजार CCTV फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश कोटा, बूंदी, जयपुर, भरतपुर, कासगंज, नूंह-मेवात और गुरुग्राम सहित कई स्थानों पर की गई। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया गया।
बिना गार्ड वाले ATM बनाते थे निशाना
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह भीड़भाड़ से दूर और बिना सुरक्षा गार्ड वाले ATM की रेकी करता था। आरोपी पहले ATM के अंदर और बाहर लगे CCTV कैमरों की स्थिति देखते थे। इसके बाद फर्जी ATM कार्ड के माध्यम से कार्ड स्लॉट में पर्ची फंसाकर मशीन को ब्लॉक कर देते थे, ताकि दूसरे ग्राहक पैसे नहीं निकाल सकें।
वारदात के दौरान आरोपी चेहरे ढकने के लिए फेस कवर और हाथों में ग्लव्स पहनते थे। गिरोह का एक सदस्य केमिकल स्प्रे से CCTV कैमरों को ब्लाइंड करता था, जबकि गैस कटर चलाने में माहिर सदस्य कुछ ही मिनटों में ATM काटकर कैश ट्रे निकाल लेता था। अन्य सदस्य आसपास निगरानी रखते थे और इसके बाद सभी कार से फरार हो जाते थे।
कई राज्यों में ATM कटिंग की वारदातें
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों में ATM कटिंग की कई वारदातों का खुलासा किया है। इनमें—
– 2021: जोरा रोड, मुरैना में SBI ATM से करीब 25 लाख रुपए चोरी।
– 2022: सायला, जालोर राजस्थान में SBI ATM से 2.63 लाख रुपए चोरी।
– 2022: एटा, उत्तरप्रदेश में एक्सिस बैंक ATM से करीब 25 लाख रुपए चोरी।
– 2023: मेरठ में एक्सिस बैंक ATM को काटने की वारदात।
– 2023: सबलगढ़, मुरैना में SBI ATM से करीब 21 लाख रुपए चोरी।
– 2025: गुना में SBI ATM से करीब 4.50 लाख रुपए चोरी।
पुलिस का कहना है कि गिरोह द्वारा अब तक करोड़ों रुपए की ATM कटिंग और चोरी की वारदातें किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में चोरी, लूट, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं और कुछ मामलों में वे फरार चल रहे थे।
6 लाख नकद सहित यह सामान जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं निशानदेही से—
– चोरी किए गए 6 लाख रुपए
– स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक RJ02TA1545, कीमत करीब 4 लाख रुपए
– दो ऑक्सीजन सिलेंडर एवं गैस कटर उपकरण, कीमत करीब 50 हजार रुपए
– काटे गए ATM की कैश ट्रे एवं रिजेक्शन बॉक्स
– तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, कीमत करीब 1 लाख रुपए जब्त किए हैं।
मामले में पुलिस द्वारा आगे की पूछताछ एवं विवेचना जारी है। पुलिस टीम की कार्रवाई में थाना प्रभारी गरोठ बलवीर सिंह यादव, थाना प्रभारी भानपुरा विनय बुंदेला, थाना प्रभारी शामगढ़ कपिल सौराष्ट्रीय, उनि जितेंद्र सिंह चौहान, सउनि जसराज सिंह चंदेल, साइबर सेल एवं अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।








