सीपीसीटी की अनिवार्यता समाप्त करने और समान वेतनमान की मांग को लेकर लिपिकों का प्रदर्शन, मुंडन कर जताया विरोध

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55 जिलों से पहुंचे हजारों लिपिक कर्मचारी, मंत्रालय के समक्ष महाशोक सभा कर सरकार के प्रति जताई नाराजगी
भोपाल। मध्यप्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के आह्वान पर सोमवार, 10 अगस्त को राजधानी भोपाल में प्रदेशभर के लिपिक कर्मचारियों ने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश शासकीय लिपिक संघ जिला मंदसौर के जिलाध्यक्ष प्रमोद गौतम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वल्लभ भवन के सामने आयोजित प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की अनिवार्यता समाप्त करने, सीपीसीटी के कारण सेवा से पृथक किए गए लिपिक कर्मचारियों की पुनः सेवा में बहाली तथा मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान/ग्रेड-पे दिए जाने की मांग उठाई। विरोध स्वरूप कई कर्मचारियों ने मुंडन भी कराया।

संघ द्वारा मंत्रालय के समक्ष महाशोक सभा आयोजित कर सांकेतिक मुंडन के माध्यम से सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों का निराकरण नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि मंत्रालय, विधि-विधायी विभाग तथा राजभवन कार्यालय में पदस्थ लिपिक कर्मचारियों को द्वितीय समयमान में उन्नत वेतनमान एवं ग्रेड-पे का लाभ दिया जा रहा है, जबकि विभागाध्यक्ष एवं उनके अधीनस्थ कार्यालयों में कार्यरत लिपिक कर्मचारियों को अपेक्षाकृत कम वेतन मिल रहा है।

संघ का कहना है कि वेतनमान में इस अंतर का सीधा प्रभाव कर्मचारियों के भविष्य पर पड़ रहा है। कम वेतन के कारण सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन भी अपेक्षाकृत कम हो रही है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संघ ने सभी लिपिक कर्मचारियों के लिए समान समयमान वेतनमान एवं ग्रेड-पे लागू करने की मांग की है।

55 जिलों से पहुंचे कर्मचारी
प्रदर्शन में मध्य प्रदेश के 55 जिलों से जिला अध्यक्ष, संभागीय अध्यक्ष, प्रांतीय पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में लिपिक कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।

संघ ने स्पष्ट किया कि सीपीसीटी के कारण सेवा से पृथक किए गए लिपिक कर्मचारियों की पुनः सेवा में बहाली तथा अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की अनिवार्यता समाप्त करना प्रमुख मांगों में शामिल है।

ये पदाधिकारी रहे उपस्थित
प्रदर्शन एवं महाशोक सभा में संघ के प्रांताध्यक्ष मुकेश चतुर्वेदी, संरक्षक एवं संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष एम.पी. द्विवेदी, संतोष शुक्ला, संजय दुबे, अमर सिंह राजपूत, बी.एस. तरेठिया, स्मृति श्रीवास्तव, प्रवीण श्रीवास्तव, किशन सिंह चौहान, अरुण शर्मा, के.एन. त्रिपाठी, प्रदीप पटेल, दीपक मिश्रा, जितेंद्र सिंह राजपूत, कमलेश चौहान, चित्रेश बाघे, देवेंद्र व्यास, महेंद्र कुमार जैन, एस.एस. जादौन, अरविंद तिवारी, सुनील कानूनगो, रामकुमार सोनी, के.एस. बड़कुल, कृष्ण कुमार विजयवर्गीय, मोहम्मद फरहान खान, ए.के. शिवेदी, शैलेश जोशी, लक्ष्मीकांत शर्मा, अमित शर्मा, अनिल श्रीवास्तव, रमेश वर्मा, यूनूस खान, आर.पी. खनाल, मूलचंद चौधरी, राहुल पांडे, अनिल डेहरिया, के.के. शुक्ला, राजीव अरगल, अमित मिश्रा, कृष्ण बिहारी गर्ग, अजय शुक्ला, मिथिलेश यादव, मनोज वर्मा, रामलखन वर्मा, शैलेंद्र वर्मा, अजय सोलंकी, एच.के. वर्मा, आर.सी. चौरे, अमरीश दुबे, नवीन चंद्र दुबे, सुनीता मालवीय, बृजलता पटेल एवं पुष्पलता यादव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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