आरटीआई से हुआ खुलासा: कौशल विकास योजना के नाम पर प्रदेश में 48 करोड़ का गबन,अधिकारियों और निजी एजेंसियों की मिलीभगत

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भोपाल। मध्यप्रदेश में कौशल प्रशिक्षण योजना (Skill Development Scheme) के तहत युवाओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षण के नाम पर 48 करोड़ रुपये के गबन का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत श्रम विभाग से प्राप्त जानकारी ने मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अधिकारियों और निजी एजेंसियों की मिलीभगत को उजागर किया है। जांच में पाया गया कि न तो प्रशिक्षण देने का कोई प्रमाण है और न ही प्रशिक्षित युवाओं के पास कोई सर्टिफिकेट।

प्रशिक्षण का दावा, भुगतान पूरा, सबूत गायब
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 2015 से 2022 के बीच मंडल ने प्रशिक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान किया। RTI से सामने आए दस्तावेजों में 26 अगस्त 2025 को खुलासा हुआ कि 4,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण देने के लिए 4 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान दर्ज है। कई जिलों ने जांच अधिकारी के बार-बार अनुरोध के बावजूद भुगतान से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कई व्यक्तियों को यह भी याद नहीं कि उन्हें कब और कैसा प्रशिक्षण दिया गया। कुछ मामलों में, जिन ट्रेड्स की ट्रेनिंग का दावा किया गया, उनमें प्रशिक्षित लोग कार्यरत ही नहीं थे।

बिना टेंडर के काम, मनमाने भुगतान
जांच में यह भी सामने आया कि प्रशिक्षण कार्य के लिए निजी एजेंसियों को बिना टेंडर के काम सौंपा गया। जिलों की मांग पर बजट जारी किया गया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किसे और क्या प्रशिक्षण दिया गया। 2016-17 के वर्क ऑर्डर का उपयोग 2017-18 में भी किया गया और प्रशिक्षण की किश्तों के मापदंडों का पालन किए बिना कंपनियों को भुगतान कर दिया गया।

इन कंपनियों पर गबन का आरोप
घोटाले में शामिल प्रमुख निजी एजेंसियों में अमास स्किल वेंचर प्रा.लि. (गुरुग्राम), स्किल वेंचर (भोपाल), बी-एबल (हैदराबाद), ग्राम एजुकेशन एंड ट्रेनिंग सर्विसेज (मथुरा), आईसेक्ट, ई-हरेक्स टेक्नोलॉजी, केलेंस सॉफ्टवेयर, ग्रास एकेडेमी एजुकेशन, डाटा प्रो. कंप्यूटर्स और एवटेक प्रशिक्षण शामिल हैं।

जांच और खुलासा
यह घोटाला 2016-17 के प्रशिक्षण से जुड़ा है, जिसकी जांच मार्च 2023 में इंदौर की संयुक्त संचालक (श्रम) सारिका भूरिया ने की थी। जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि हुई, जिसके बाद RTI के जरिए यह मामला सामने आया।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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