ग्रीन-को प्रोजेक्ट में बस की टक्कर से बाइक सवार मजदूर की मौत, दो घायल; ग्रामीणों का हंगामा, बस में लगाई आग

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नीमच। रामपुरा क्षेत्र के खिमला गांव में ग्रीन-को कंपनी के पावर प्रोजेक्ट के पास गुरुवार सुबह एक बस ने बाइक सवार तीन मजदूरों को टक्कर मार दी। हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल होकर उदयपुर रेफर किया गया। तीसरे मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों और कर्मचारियों ने बस में आग लगा दी और नीमच-झालावाड़ हाइवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे 8 घंटे तक यातायात बाधित रहा। कंपनी के 45 लाख रुपये मुआवजे के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।

गुरुवार सुबह करीब 8 बजे ग्रीन-को कंपनी की बस क्रमांक एमपी 09 एफए 4021 ने प्लांट के यू-टर्न पर बाइक सवार तीन मजदूरों को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान लच्छूराम उम्र 32 पुत्र रामेश्वर रावत, निवासी अमरपुरा के रूप में हुई, जो बस के पहिए के नीचे आने से मौके पर ही मर गया। अन्य घायल मजदूर गोविंद पुत्र परशुराम रावत को उदयपुर रेफर किया गया, जबकि अनिल पुत्र फूलसिंह को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी मिली। हादसे के बाद बस ड्राइवर मौके से फरार हो गया।

ग्रामीणों का आक्रोश, बस में आग और चक्काजाम
हादसे की सूचना मिलते ही रावत-मीणा समाज के लोग और ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने कंपनी परिसर में तोड़फोड़ की और बस को आग के हवाले कर दिया। सुबह 9 बजे से नीमच-झालावाड़ हाइवे पर अमरपुरा गांव के पास चक्काजाम शुरू हुआ, जिससे 2 किमी तक वाहनों की कतारें लग गईं। ग्रामीणों ने एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की। प्रशासन और रावत समाज के प्रतिनिधियों ने कंपनी अधिकारियों से बातचीत की। शाम 5 बजे कंपनी ने मृतक की पत्नी रेखाबाई को 45 लाख रुपये मुआवजा और घायल गोविंद के इलाज का पूरा खर्च उठाने का वादा किया, तब जाम हटा।

कंपनी पर पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
ग्रीन-को कंपनी पहले भी विवादों में रही है। कंपनी पर किसानों की जमीन कम कीमत में खरीदने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लग चुके हैं।
20 सितंबर 2024: कंपनी के ट्रक (टीएन 52 एच 5366) की टक्कर से मजदूर लालसिंह (30) की मौत हो गई थी।
5 दिसंबर 2024: कंपनी के सुरक्षा कर्मचारी मनोहर मालवीय (43) की सड़क हादसे में मौत हो गई। उनके चचेरे भाई मुकेश मालवीय के अनुसार, कंपनी ने न तो सहायता दी और न ही प्रोविडेंट फंड की राशि दी।

मजदूरों की शिकायत: अनफिट वाहन और लापरवाही
मजदूरों का आरोप है कि कंपनी में चलने वाले ज्यादातर वाहन अनफिट और कंडम हैं। हादसे वाली बस 13 साल 4 महीने पुरानी थी और उसका फिटनेस सर्टिफिकेट भी नहीं था, हालांकि अन्य दस्तावेज पूर्ण थे। मजदूर कमलेश चौबे ने कहा, “कंपनी कभी जवाबदेही नहीं लेती। ड्राइवर नशे में वाहन चलाते हैं, लेकिन कोई रोक-टोक नहीं। परिसर में होने वाली घटनाओं की जानकारी बाहर नहीं आती।”

यह कहना है इनका
ग्रीन-को कंपनी के डीजीएम अमित सोनी ने मीडिया को बताया कि हादसा एलएनटी (लार्सन एंड टुब्रो) कंपनी की बस से हुआ, जिसमें उनके कर्मचारी शामिल थे। उन्होंने कहा कि मुआवजा समझौता भी एलएनटी अधिकारियों के साथ हुआ।

रामपुरा टीआई विजय सागरिया ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द उचित कार्रवाई होगी।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

error: Content is protected !!