घटना को लेकर पोरवाल समाज में आक्रोश, नगर बंद का आव्हान कर अंचल के पोरवाल समाजजन सुवासरा में हुए एकत्रित
मंदसौर। मंदसौर जिले के सुवासरा में शनिवार को जैन और पोरवाल समाज के लोगों बीच जमीन विवाद को लेकर हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में पोरवाल समाज के भरत मांदलिया और उनके परिवार पर जैन समाज के लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें भरत के हाथ में फ्रैक्चर और कैलाशचंद्र मांदलिया को गंभीर चोटें आईं। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें जैन समाज के लोगों को झुंड बनाकर मारपीट करते और पास खड़ी महिलाओं के साथ भी बदसलूकी करते देखा जा सकता है।

जमीन विवाद बना हिंसा का कारण
भरत मांदलिया ने मीडिया को बताया कि जमीन विवाद के एक प्रकरण में न्यायालय का फैसला उनके पक्ष में आया था। इसके बावजूद, जैन समाज के लोगों ने उनके घर के सामने ईंटें डलवा दीं, जिसकी शिकायत भरत ने पहले ही पुलिस को आवेदन देकर की थी। उनका कहना है कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो यह विवाद हिंसक रूप न लेता।
पुलिस पर पक्षपात का आरोप
घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने हमले का शिकार हुए पोरवाल परिवार के खिलाफ ही पहले एफआईआर दर्ज कर ली। अखिल भारतीय पोरवाल युवा संगठन के नरेंद्र उदिया ने आरोप लगाया कि सुवासरा टीआई कमलेश प्रजापत ने बातचीत में कहा कि पोरवाल समाज के लोग ही विवाद करते हैं। उदिया ने एसडीओपी दिनेश प्रजापत से भी फोन पर बात की, जिन्होंने इसे दोनों पक्षों का आपसी विवाद बताया।
पोरवाल समाज ने किया सुवासरा बंद
इस घटना के विरोध में पोरवाल समाज ने रविवार को सुवासरा बंद का आह्वान किया। समाज के लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और इस मामले को लेकर आगे की रणनीति बनाने के लिए बैठक बुलाने का निर्णय लिया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर बाजार खुलवाया।
पुलिस की उदासीनता पर सवाल
सीतामऊ डिवीजन में पुलिस की निष्क्रियता के कारण यह दूसरी बार है जब सामुदायिक हिंसा की घटना सामने आई है। कुछ दिन पहले सीतामऊ में पाटीदार और जाट समाज के बीच खूनी संघर्ष हुआ था, जिसमें गोलियां तक चली थीं। सुवासरा की इस ताजा घटना ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। समाजजनों ने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी जवाबदेही तय करने की मांग की है।
पिछले दिनों कंजर समस्या को लेकर सुवासरा थाने का घेराव करना पड़ा था, तब जाकर पुलिस ने कार्रवाई की थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीतामऊ डिवीजन में पुलिसिंग का अभाव आमजन के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पोरवाल समाज का कहना है कि पुलिस की एकतरफा कार्रवाई और उदासीन रवैये के खिलाफ वे आगे भी आंदोलन करेंगे। इस घटना ने क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है, और समाज के लोग इस मामले में ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
Author: Dashpur Disha
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