टकरावद। भारतीय अफीम किसान संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि 13 जुलाई 2025 को दोपहर 1 बजे राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थस्थल माँ जोगणिया के चरणों में राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के अफीम किसान एकत्रित होकर अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। इस अवसर पर समिति 2025-26 की नई अफीम नीति में सुधार हेतु अपनी मांगों को प्रस्तुत करेगी और आंदोलन की भविष्य की रणनीति तैयार करेगी।
भारतीय अफीम किसान संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें:
1.रुके हुए लाइसेंस की बहाली: वर्ष 1997-98 से 2024-25 तक विभिन्न कारणों से रुके हुए अफीम लाइसेंस (पट्टों) को तत्काल बहाल किया जाए। विशेष रूप से 2025-26 की अफीम नीति में शून्य औसत (0 औसत) वाले सभी किसानों को पट्टे प्रदान किए जाएं।
2.अफीम के मूल्य में वृद्धि: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अफीम की कीमतों को ध्यान में रखते हुए अफीम का मूल्य बढ़ाया जाए। साथ ही, CPS (Crop Protection Scheme) पर पुनर्विचार कर लुआई-चिराई में किसानों को पट्टे दिए जाएं।
3.धारा 8/29 का उन्मूलन: समिति ने सरकार से मांग की है कि धारा 8/29 को समाप्त कर बेकसूर किसानों को न्याय प्रदान किया जाए।

किसानों की उम्मीद और आभार:
समिति ने कहा कि 1997 से अब तक रुके हुए पट्टों की बहाली की उम्मीद में लाखों किसान आस लगाए बैठे हैं। साथ ही, 1998 से 2024 तक कई किसानों को पट्टे प्रदान करने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। समिति ने जोर देकर कहा कि 2008 से निरंतर संघर्ष के परिणामस्वरूप कई सफलताएँ प्राप्त हुई हैं और भविष्य में भी यह संघर्ष जारी रहेगा।
भारतीय अफीम किसान संघर्ष समिति ने सभी अफीम किसानों से अपील की है कि वे 13 जुलाई 2025, रविवार को दोपहर 1 बजे माँ जोगणिया के दरबार में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हों और अपनी मांगों को मजबूती प्रदान करें।
Author: Dashpur Disha
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